अलीगढ़, जेएनएन : परोपकार सामाजिक सेवा संस्था तोछीगढ़ द्वारा रामपुर बक्टरा में जंग-ए-आजादी के महानायक चंद्रशेखर आजाद का 91वां बलिदान दिवस मनाया गया।

 

श्रद्धासुमन किया अर्पित

संस्था के सदस्यों, ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

संस्था के अध्यक्ष जतन चौधरी ने कहा कि आजाद मात्र 14 साल की उम्र में ही जंग ए आजादी के मैदान में कूद पड़े थे। सच्चाई, संघर्ष, त्याग, बलिदान, वीरता, शौर्य और अदम्य साहस की प्रतिमूर्ति थे। जिन्होंने गुलाम भारतवासियों के दिलों में क्रांति की ज्योति जलाई थी ऐसे सेनापति थे। जिन्होंने खुद भूखा रह कर अपने घर परिवार को विसराकर इस देश की आजादी के लिए अपना सर्वश्व न्यौछावर कर दिया।

निर्भीक और ओजस्‍वी विचार के थे आजाद 

वीरेंद्र सिंह मधुर ने कहा कि आजाद की ईमानदारी व अच्छे निर्भीक, ओजस्वी विचारों से प्रभावित होकर ही सभी युवा हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसियन के सदस्य बने थे। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य ना केवल स्वतंत्रता प्राप्त करना था वरन शोषण रहित प्रजातंत्र की स्थापना करना था। सौनू शर्मा, अंजली कश्यप, रेशमा व पल्लवी चौधरी ने भी आजाद की जीवनी सुनाई। प्रीती सिंह, विष्णु शर्मा, आकाश व मौनिका ने काव्यपाठ के माध्यम से श्रद्धांजलि दी।

यह लोग रहे उपस्‍थित

कार्यक्रम की अध्यक्षता चौ. किशन सिंह व संचालन जयवीर सिंह ने किया। इस मौके पर रवी चौधरी, तरुन शर्मा, ललित, सचिन, ज्योति, प्राची, सपना, खुशुबू आदि मौजूद रहे।

Edited By: Anil Kushwaha