अलीगढ़, जेएनएन। हरदुआगंज तापीय परियोजना की बंद हो चुकी एक नंबर से छह नंबर तक की यूनिटों की नीलामी कराई जाएगी। इसके लिए एजेंसी का नाम तय हो गया है। एजेंसी ने अगस्त के पहले सप्ताह में परियोजना के निरीक्षण की सहमति दे दी है।

यूनिटों के उपकरण की सूची भी होगी तैयार

जानकारी के अनुसार मैसर्स एमएसटी सी लखनऊ को मूल्यांकन का काम दिया गया है।सात नंबर यूनिट के वर्ष 2025 तक चलने के कारण उपयोग में होने वाले नीलामी वाली यूनिटों के उपकरण की सूची भी तैयार की जाएगी।जिससे परियोजना की बंद हो चुकी यूनिट एक से 6 तक में मूल्यांकन कर नीलामी कार्य समय पर पूरा कराया जा सके। सभी सहायक अभियंतााओं को निर्देशित किया गया है कि यूनिट नंबर सात को चलित करने के लिए आवश्यक उपकरणों की सूची खंडवार तैयार कर अधिशासी अभियंता विद्युत भंडार खण्ड द ताप विद्युत गृह को उपलब्ध कराने को कहा है। अधीक्षण अभियंता शैलेन्द्र कुमार सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

आखिर क्यों बंद करना पड़ा यूनिटों को ?

हरदुआगंज तापीय विद्युत परियोजना वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलाने में पीछे नहीं रहा है। लेखा परीक्षा के दौरान पाया गया प्रबंधन प्रदूषण नियत्रंण रोकने में नाकाम रहा है। एक से छः नंबर यूनिट की स्थिति यह रहीं कि सस्पेंडे़ड़ पार्टीकुलेट मेंटर 110 एमजी प्रति घन एनएम के मानक से बहुत अधिक 3492-11041तक रहा और ध्वनि प्रदूषण 75 ड़ीबी के मानक से 51.2 - 102.7 ड़ीबी तक रहा जिस कारण इन यूनिटों को बंद करना पड़ा था। वहीं पर्यावरण ,वन एवं जलवायु मंत्रालय द्वारा कोयला बिजली घरों के पर्यावरण मानकों को लागू करने की समयावधि बढ़ा दी गई है। जिसके चलते सात नंबर यूनिट को जीवन दान मिल चुका है। इस सबंध में परियोजना के अधीक्षण अभियंता शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया नीलामी प्रक्रिया चल रहीं है आखिरी निर्णय लखनऊ से ही होगा।

Edited By: Anil Kushwaha