अलीगढ़ (मनोज जादौन)।  मंडल स्तर पर नवोदय विद्यालय की तर्ज पर 'अटल आवासीय विद्यालयÓ खोले जाएंगे। इसमें भवन एव अन्य सन्निर्माण कर्मकारों के बच्चे पढ़ेगे। विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा ने गुरुवार को उप श्रम आयुक्तों को जमीन तलाशने के निर्देश दिए हैं। सहयोग मंडलायुक्त अजयदीप सिंह से भी लिया जाएगा। दरअसल, भवन एवं अन्य सन्निर्माण मजदूरों के बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए योगी सरकार गंभीर है। सरकार की मंशा है कि इन श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की मूलधारा से जोडऩे के लिए यह विद्यालय मिल का पत्थर साबित होंगे। इसके लिए श्रम विभाग में मजदूर का पंजीकरण अनिवार्य हैं। प्रवेश अन्य शर्त बाद में जारी की जाएगी।

इन मंडलों में खुलेंगे विद्यालय

छह मार्च को कैबिनेट ने प्रदेश के सभी 16 मंडलों में इन विद्यालयों को खोलने के लिए मोहर लगी है, जिसमें  गोरखपुर, बस्ती, झांसी, बांदा (चित्रकूट धाम), अयोध्या, देवीपाटन, वाराणसी, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज, मुरादाबाद, सहारनपुर, मिर्जापुर, कानपुर, मेरठ, आजमगढ़, बरेली व अलीगढ़ मंडल शामिल है।

16 स्कूलों पर 50 करोड़ रुपये होंगे खर्च

आधुनिक सुविधाओं से लैस इस विद्यालय के भवन निर्माण पर 3.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहली किस्त में 16 स्कूलों पर 50 करोड़ रुपया खर्च होगा। यह वित्तीय वर्ष 2019-20 में बनकर तैयार होंगे।

ये होंगी सुविधाएं

विद्यालय में शैक्षणिक भवन होगा। इसमें विभिन्न प्रयोगशाला, पुस्तकालय, समारोह भवन होगा। कॉलेज प्रांगण में ही दूसरे फेस में बहुमंजिली आवासीय भवन व भोजनालय भी होगा। शिक्षक व शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए अलग से आवासीय परिसर भी होगा।

मंडल मुख्यालय पर जमीन न होने पर दूसरे जिले में खोलने का विकल्प

प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा मंडलायुक्तों को सुझाव दिया है कि अगर मंडल मुख्यालय पर जमीन न होने की दिशा में दूसरे जिला में विद्यालय खोलने का विकल्प होगा। जितनी जमीन में नवोदय विद्यालय होगा, उतनी जमीन की जरुरत होगी। यह जमीन जिला प्रशासन ग्रामसभा, सीलिंग, गवर्नमेंट ग्रांट व अन्य कोई ग्राम सभा या सरकारी भूमि जो रिक्त है, उसे उपलब्ध कराएगा। उपश्रम आयुक्त जबीं आयशा ने बताया कि हम मंडलायुक्त के संपर्क में हैं। यह छह मार्च के आदेश के संदर्भ में मिला आदेश है। इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।

 

Posted By: Mukesh Chaturvedi