अलीगढ़ : इलाज व जांच के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचने में असमर्थ बुजुर्गो के लिए राहत भरी खबर है। अब अस्पताल में नियुक्त स्टाफ नर्स, एएनएम व आशा कर्मी उनका सहारा बनेंगी। शासन ने बुजुर्गो की सेहत पर नजर रखने व घर पर ही यथासंभव जांच व उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

ये है समस्या

बुजुर्ग मरीजों के बीपी व डायबिटीज की नियमित जांच जरूरी होती है, मगर शारीरिक रूप से कमजोर बुजुर्ग अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। कई बार छोटी-छोटी समस्याएं बड़ा रूप धारण कर लेती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुगरें के समक्ष यह समस्या ज्यादा है।

सरकार की पहल

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बुजुगरें के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अलीगढ़ समेत प्रत्येक जिले में बुजुर्गो के लिए 10 बेड का वेंटीलेटर युक्त स्पेशल क्लीनिक बनाया जा रहा है। इसी योजना के तहत आशा, एएनएम व स्टाफ नर्स एएनएम बुजुगरें का नियमित ब्लड प्रेशर तथा मधुमेह की जाच करेंगी। यदि जाच में किसी बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने की जिम्मेदारी एएनएम और आशा करेंगी।

मिलेगा प्रशिक्षण

बुजुर्गो की देखभाल व जांच के लिए आशा व एएनएम को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी हो रही है। शासन से अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश मिल चुके हैं।

घर पर होगी जांच

सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल का कहना है कि दीनदयाल में जल्द ही बुजुगरे के लिए स्पेशल क्लीनिक खुल जाएगी। शासन के निर्देशानुसार बुजुर्गो को घर पर ही देखभाल, जांच व दवा पहुंचाने की सुंिवधाएं दी जाएंगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।

Posted By: Jagran