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AMU में छात्र संघ बहाली की मांग, समर्थन में JNU से पहुंचे नेता; धरने से हटाने के उपाय नाकाम

By Santosh Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 07 Oct 2026 10:37 AM (IST)

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाली और चुनाव की मांग को लेकर 17वें दिन भी धरना जारी है, जिसे ...और पढ़ें

AMU परिसर में धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं।

AMU परिसर में धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्र संघ बहाली और चुनाव कराने की मांग को लेकर चल रहा धरना बुधवार को 17वें दिन भी जारी है। डाक पौंड पर छात्रों की भीड़ जुट रही है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से छह छात्र नेताओं का दल मंगलवार को धरना स्थल पहुंचा।

जेएनयू छात्र संघ की संयुक्त सचिव दानिश अली ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जेएनयू के छात्र आंदोलन के पहले दिन से ही एएमयू के छात्रों की मांग के समर्थन में खड़े हैं। एएमयू में छात्र संघ के चुनाव बहाल करने की मांग जायज है। विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि परिसर में चुनाव की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

ताकि छात्र सामूहिक रूप से अपने मुद्दे उठा सकें और अपनी समस्याओं के लिए आवाज बुलंद कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से छात्रों को डराने, निशाना बनाने और निष्कासन के नोटिस देने जैसी कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए विश्वविद्यालयों में छात्र संघ जरूरी है। उन्होंने कहा कि एएमयू में पिछले आठ वर्षों से चुनाव बंद हैं। छात्र यासिर इस मांग को लेकर 17वें दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही है, इसके बावजूद वह आंदोलन जारी रखे हुए हैं। दानिश ने कहा कि यासिर पर निलंबन की कार्रवाई की गई है और 19 अन्य छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक छात्र को जेल भेजा जा चुका है।

कहा कि एएमयू छात्र संघ की बहाली की लड़ाई में सिर्फ जेएनयू ही नहीं, बल्कि देशभर के छात्र और युवा साथ हैं। उन्होंने कहा कि छात्र संघ की बहाली, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और प्राक्टर के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

इधर मंगलवार देर रात बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को बुलाकर एएमयू प्रशासन ने भूख हड़ताल पर बैठे निलंबित छात्र यासिर फहद को हटाने की तैयारी की थी। प्रॉक्टोरियल टीम धरना स्थल पर पहुंची। पुलिस यूनिवर्सिटी के सभी गेटों के बाहर तैनात कर दी गई थी। देर रात तक चले जमकर हंगामे के बाद भी छात्र धरनास्थल से नहीं उठे।