AMU छात्रसंघ में छात्राओं की भी हो भागीदारी, तीन प्रमुख पदों में से एक रिजर्व रखने का सुझाव
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को नेतृत्व में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई है। पूर्व अध्यक्ष ...और पढ़ें

AMU का प्रवेश द्वार।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रसंघ के आगामी चुनाव में छात्राओं को नेतृत्व में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की मांग उठी है। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल हफीज गांधी ने सुझाव दिया है कि तीन प्रमुख पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव—में से कम से कम एक पद छात्राओं के लिए आरक्षित किया जाए।
इसके अलावा 10 कैबिनेट सदस्यों में कम से कम चार पद छात्राओं के लिए आरक्षित करने की व्यवस्था हो। अब्दुल हफीज गांधी ने कहा कि वर्तमान चुनाव में आपसी सहमति से अनौपचारिक व्यवस्था के तहत इसे लागू किया जा सकता है। चुनाव के बाद छात्रसंघ के संविधान में संशोधन कर तीन प्रमुख पदों में से एक पद छात्राओं के लिए स्थायी रूप से आरक्षित करने का प्रावधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्राएं विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। ऐसे में छात्रसंघ के नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी उनकी पर्याप्त भागीदारी होनी चाहिए। छात्राओं को केवल मतदान तक सीमित रखने के बजाय नेतृत्व करने और अपनी समस्याओं व मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने के अवसर मिलने चाहिए।
गांधी के मुताबिक, छात्रसंघ के प्रमुख पदों और कैबिनेट में आरक्षण की व्यवस्था से छात्राओं की आवाज विश्वविद्यालय प्रशासन तक मजबूती से पहुंचेगी। उन्होंने छात्रसंघ को अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक बनाने के लिए वर्तमान चुनाव में सहमति से व्यवस्था लागू करने और भविष्य के लिए संविधान में आवश्यक संशोधन करने का सुझाव दिया है।
