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AMU छात्र संघ चुनाव: आज नामांकन से दिखेगा दावेदारों का दम, बयानों से गरमाई चुनावी बहस

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 29 Oct 2026 10:04 AM (IST)

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और वीमेंस कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए आज नामांकन होगा, जिससे चुनावी तस्वीर साफ होगी। प्रत्याशियों ...और पढ़ें

AMU परिसर में गुरुवार सुबह छात्र स्ंघ चुनाव को लेकर चर्चाएं करते स्टूडेंट्स।

AMU परिसर में गुरुवार सुबह छात्र स्ंघ चुनाव को लेकर चर्चाएं करते स्टूडेंट्स।

HighLights

  1. प्रत्याशियों के विवादित बयानों से चुनावी बहस तेज

  2. मतदान 5 नवंबर को प्रस्तावित, तस्वीर होगी स्पष्ट

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) और वीमेंस कालेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए आज नामांकन होगा। इसके साथ ही चुनावी मुकाबले की तस्वीर सामने आने लगेगी। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव समेत विभिन्न पदों के दावेदार अपनी दावेदारी पेश करेंगे। नामांकन से पहले बुधवार को संभावित प्रत्याशी दिनभर जरूरी दस्तावेज जुटाने और औपचारिकताएं पूरी करने में लगे रहे।

वहीं, चुनाव से पहले कुछ प्रत्याशियों के बयानों को लेकर बहस भी तेज हो गई है। एएमयू के यूनियन हाल में बुधवार को दिनभर छात्रों की आवाजाही बनी रही। संभावित प्रत्याशी नामांकन संबंधी कागजात पूरे करने में जुटे रहे, ताकि किसी कमी के कारण उनकी दावेदारी में अड़चन न आए।

वीमेंस कालेज में भी छात्राओं और उनके समर्थकों के बीच चुनाव को लेकर चर्चाएं होती रहीं। पांच नवंबर को मतदान प्रस्तावित है। नामांकन और उसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होने के साथ चुनावी मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

वीमेंस कालेज में भी दावेदार सक्रिय

एएमयू के वीमेंस कालेज में अध्यक्ष पद के लिए अनम रियाज का नाम चर्चा में है। उपाध्यक्ष पद के लिए महशूमा, मरियम फातिमा और नशरा नईम के नाम सामने आ रहे हैं। कैबिनेट पदों के लिए हिबा मनाल, शाहीन परवीन, जुवेरिया रहमान और अनुष्का शर्मा संभावित दावेदारों में शामिल हैं। आज नामांकन के बाद प्रत्याशियों की स्थिति और मुकाबले को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

खालिद और शरजील पर बयानों से गरमाई बहस

चुनाव से पहले अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मोहम्मद इंतखाब और नोमान अशरफ के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद वैचारिक बहस तेज हो गई है। इंतखाब ने अपने वीडियो में उमर खालिद, शरजील इमाम, सफूरा जरगर और आफरीन फातिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें जेल में रखे जाने के खिलाफ वह आवाज उठाएंगे। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध भी किया।

वहीं, नोमान अशरफ ने अपने वीडियो में कहा कि वह कानून हाथ में लेने की पैरवी नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार शरजील इमाम की कोई बात विवादित नहीं थी। इन बयानों पर पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने वैचारिक असहमति जताई है। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे प्रत्याशियों का चयन उनकी विचारधारा, सोच और कार्यों के आधार पर करें।