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AMU में बोले एडमिरल उरूल अथर, छात्र अपनी ऊर्जा शिकायतों में नहीं, नवाचार और समाजसेवा में लगाएं

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Sat, 17 Oct 2026 12:55 PM (IST)

रियर एडमिरल एसएम उरूज अथर ने एएमयू छात्रों से अपनी ऊर्जा नवाचार और समाजसेवा में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने ...और पढ़ें

AMU में सर सैयद डे पर छात्रों को संबोधित करते एडमिरल एसएम उरूज अथर।

AMU में सर सैयद डे पर छात्रों को संबोधित करते एडमिरल एसएम उरूज अथर।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। इंडियन नेवल एकेडमी, एझिमाला के प्रिंसिपल रियर एडमिरल एसएम उरूज अथर ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा शिकायत करने के बजाय नवाचार, रचनात्मकता और समाजसेवा में लगाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा देश के सबसे मूल्यवान संसाधनों में से एक है। विद्यार्थियों को जहां भी अवसर मिले, उन्हें समाज की समस्याओं का समाधान तलाशना चाहिए। एएमयू की पहचान विद्यार्थियों की ऊंची आवाज से नहीं, बल्कि उनके विचारों और काम के प्रभाव से होनी चाहिए।

सर सैयद दिवस समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए एडमिरल अथर ने कहा कि सर सैयद अहमद खान ने शिक्षा को केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और भविष्य को आकार देने का माध्यम माना था। एएमयू एक विश्वविद्यालय से बढ़कर मिशन है। यहां से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी एहसास होना चाहिए।

छात्र जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं

विद्यार्थियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अलीगढ़ से निकलने के बाद भी एएमयू की सीख को अपने जीवन में बनाए रखें। किसी ऐसे बच्चे को पढ़ाएं जो पढ़ाई में पीछे रह गया हो। किसी बुजुर्ग को फोन या इंटरनेट के माध्यम से सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में मदद करें।

किसी जरूरतमंद विद्यार्थी को छात्रवृत्ति दिलाने में सहयोग करें। अपने आसपास की छोटी-छोटी समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा कि छोटे काम भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

एडमिरल अथर ने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने और शोध को समाज की जरूरतों से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, बेरोजगारी, तकनीक, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसी चुनौतियों पर शोध का लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

हर शोध के साथ यह सवाल जुड़ा होना चाहिए कि उससे किसकी समस्या दूर होगी और किसके जीवन में सुधार आएगा। ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह प्रयोगशालाओं और कक्षाओं से निकलकर लोगों के जीवन में बदलाव लाए।

एएमयू को विश्वविद्यालय नगर के रूप में विकसित करने का सुझाव

एडमिरल अथर ने अलीगढ़ को एक सच्चे विश्वविद्यालय नगर के रूप में विकसित करने का विचार भी रखा। उन्होंने कहा कि एएमयू के कृषि वैज्ञानिक किसानों के साथ मिलकर टिकाऊ खेती पर काम करें, प्रबंधन विशेषज्ञ स्थानीय उद्योगों को आधुनिक बनाने में मदद करें, चिकित्सा विशेषज्ञ आसपास के समुदायों तक निवारक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएं और इंजीनियर स्थानीय समस्याओं के समाधान में तकनीक का उपयोग करें।

इससे विश्वविद्यालय के ज्ञान का लाभ अलीगढ़ और आसपास के गांवों को भी मिल सकेगा। उन्होंने एएमयू के तराने की पंक्ति ‘जो अब्र यहां से उठेगा, वो सारे जहां पर बरसेगा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस ज्ञानरूपी बादल की वर्षा सबसे पहले आसपास के गांवों, किसानों, युवाओं, कारीगरों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचनी चाहिए।

सर सैयद के सपने को जीना ही सच्ची श्रद्धांजलि

एडमिरल अथर ने कहा कि सर सैयद ने विपरीत परिस्थितियों में निराश होने के बजाय शिक्षा के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। उनकी विरासत केवल इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है। सर सैयद को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब शिक्षा से चरित्र निर्माण हो, विशेषाधिकार जिम्मेदारी में बदले और विश्वविद्यालय अपने आसपास के समाज के लिए भी काम करे।