अलीगढ़ [जेएनएन]: एएमयू बवाल में 52 छात्रों के साथ आरोपित मानसिक रूप से अस्वस्थ किशोर का नाम पुलिस ने मुकदमे से हटा दिया है। किशोर ने एनएचआरसी की टीम के समक्ष भी खुद को बेकसूर बताते हुए बयान दर्ज कराए थे। पुलिस ने उसे बवाल वाले दिन ही गिरफ्तार किया था। अगले दिन परिवार वाले उसे 50 हजार के निजी मुचलके पर छुड़ाकर लाए थे।

यह है मामला

15 दिसंबर 2019 को एएमयू में पुलिस व छात्रों के बीच हुए टकराव के मामले में पुलिस की ओर से दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इनमें 52 लोग नामजद किए गए थे। इसमें मेडिकल रोड स्थित एक बंद गली में रहने वाले अल्लाह वाले के 16 वर्षीय बेटे को भी नामजद किया गया था, जो एएमयू की छात्र नहीं है। पुलिस ने 22 छात्रों के साथ किशोर को भी गिरफ्तार किया था।

एनएचआरसी की टीम थी हैरान

 हाईकोर्ट के निर्देश पर दूसरे चरण की जांच करने आई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम के समक्ष भी किशोर ने बयान दर्ज कराए थे। किशोर को देख एनएचआरसी की टीम भी हैरान हो गई थी। इसके बाद पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि किशोर मानसिक रूप से अवस्थ है। इसके चलते मुकदमे से किशोर का नाम हटा लिया गया।

52 छात्र व 71 बाहरी लोगों को भेजे जा रहे नोटिस

एएमयू बवाल की जांच कर रही आगरा एसआइटी की टीम ने अब कार्रवाई भी शुरू कर दी है। शुक्रवार को एडीजी आगरा जोन अजय आनंद ने समीक्षा की थी। जांच में मुकदमे में नामजद 52 छात्रों के अलावा 71 अन्य लोगों के नाम सामने आए थे। 71 लोग बाहरी या पूर्व छात्र हैं। इन सभी को नोटिस भेजकर पक्ष रखने के लिए कहा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद हंगामा करने वाले छात्रों में खलबली मच गई है।

Posted By: Sandeep Saxena

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस