अलीगढ़ (जेएनएन)। एएमयू इंतजामिया इस बार जेएन मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस करने को लेकर कुछ ज्यादा ही सख्त दिख रही है। रजिस्ट्रार के पत्र के बाद पीआरओ की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि जेएन मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, यूनिवर्सिटी हेल्थ सर्विस के डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं है।

प्राइवेट पै्रक्टिस गैर कानूनी
विश्वविद्यालय के चिकित्सकों के लिए सेवा नियमावली पर अमल करना अनिवार्य है। इसके तहत उनका प्राइवेट प्रैक्टिस करना पूर्ण रूप से गैर कानूनी है। मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस करने का मामला पहले भी कई बार उठ चुका है, लेकिन लगाम नहीं लग सकी। रजिस्ट्रार के 24 जून को सभी विभागाध्यक्षों व डीन को पत्र लिखने से एक बार फिर यह मामला गरमा गया है।

अध्यापकों की उपस्थिति हो सुनिश्चित
 पत्र में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर का हवाला देते हुए कहा गया है कि मेडिसिन संकाय के डीन, डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल व सभी विभागों के अध्यक्ष ड्यूटी के समय में संबंधित विभागों व चिकित्सालय में अध्यापकों की उपस्थिति को सुनिश्चित कराएं। मेडिसिन संकाय के कुछ चिकित्सक संबंधित विभागों व चिकित्सालय में नियमित ड्यूटी के समय में दोपहर 12:30 बजे के बाद अनुपस्थित पाए गए। विभागों के अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए ड्यटी से गैरहाजिर रहने वाले डॉक्टर की हाजिरी न भेजें। देखना यह है कि इंतजामिया की सख्ती का डॉक्टर पर क्या असर होता है?

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Posted By: Sandeep Saxena

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