अलीगढ़, जेएनएन। अमृत योजना के तहत घर-घर पानी के कनेक्शन तो करा दिए गए, लेकिन नल अभी भी सूखे पड़े हैं। दरअसल, सड़कें खाेदकर जो वाटर लाइन बिछाई गई थीं, उन्हें ट्यूबवेल से जोड़ा ही नहीं गया। जब वाटर लाइन ट्यूबवेल से जुड़ेंगी ही नहीं तो पानी की आपूर्ति कैसे होगी? शहर के कई इलाकों में यही स्थिति है। वहां पुरानी वाटर लाइन भी बंद पड़ी है। ये लाइन सड़क खोदाई के समय या तो क्षतिग्रस्त हो गई थीं, या फिर हटा दी गईं। ऐसे में पानी की आपूर्ति को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। अब मेयर मोहम्मद फुरकान ने पहल की है। नगर निगम अधिकारियों को समस्या के समाधान के सख्त निर्देश दिए हैं।

अटल मिशन फार रेेेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन योजना

अटल मिशन फार रेेेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) योजना का उद्​देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार को निश्चित जलापूर्ति और सीवरेज कनेक्शन समेत नल सुलभ हो। इसकी जिम्मेदारी जल निगम को सौंपी गई है। केंद्र सरकार इसके लिए अरबों रुपये खर्च कर चुकी है। अलीगढ़ को भी मोटा बजट मिला है। इसके बाद भी योजना का सही तरीके से क्रियांवयन नहीं हो पा रहा। जबकि, यहां योजना को शुरू किए तीन साल बीत चुके हैं। लेकिन, कई इलाकों में अब भी न पानी पहुंच सका, न ही सीवरेज की सुविधा मिली है। शहर के क्वार्सी, रामबाग, सरसैयद नगर, जमालपुर, महेंद्र नगर, अवतार आदि कई इलाकों में वाटर लाइन तो बिछा दी गईं, लेकिन आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। 40 से अधिक नए ट्यूबवेल बना दिए, लेकिन इनसे वाटर लाइन को जाेड़ा नहीं गया। याेजना ये थी घरों में फ्लोराइड रहित शुद्ध पानी मिलेगा। ओवरहैड टैंक के पास बने अंडरग्राउंड वाटर क्लोडिंग टैंक पर वाटर प्यूरीफाई सिस्टम लगेंगे, जिससे पानी शुद्ध हो सके। लेकिन, ये योजना अभी कागजों तक सीमित है। घरों में पहले ही तरह आपूर्ति हो रही है। इसको लेकर तमाम शिकायतें मिल रही हैं। मेयर ने इस संबंध में नगर निगम अधिकारियों से वार्ता कर योजना के तहत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।