हाथरस जेएनएमसी : हाथरस के गांव बूलगढ़ी में युवती की मौत को लेकर शुक्रवार को दिनभर हंगामे की स्थिति रही। आगरा-अलीगढ़ हाइवे पर चंदपा के पास बूलगढ़ी मोड़ पर दिनभर अफरातफरी मची रही। गांव में किसी को जाने नहीं दिया गया। इसका विरोध करते तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसदों व एक पूर्व सांसद की पुलिस से जमकर नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। इस दौरान सांसद डेरेक ओब्राइन जमीन पर गिर पडे़। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की भी पुलिस से नोकझोंक हुई। शिवसेना के लखनऊ से आए कार्यकर्ताओं को भी आगरा-हाथरस बॉर्डर पर गोविंदपुर गांव पर रोक दिया। एसआइटी ने शुक्रवार को भी गांव में जांच की। वहीं, स्वर्ण समाज के लोगों बूलगढ़ी गांव के पास ही पंचायत कर आक्रोश जताया। उनका कहना था कि इस मामले में किसी निर्दोष को न फंसाया जाए। इसकी जानकारी काफी देरी से प्रशासन को हो सकी। अधिकारी जब तक पहुंचे तब तक पंचायत ही खत्म हो चुकी थी।

पुलिस ने पीड़ित परिवार के घर की घेराबंदी की

सुबह-सुबह मृतका का भाई खेतों के रास्ते किसी तरह गांव के बाहर आ गया। उसने मीडिया के सामने आकर कई बातें कहीं। उसने बताया कि पुलिस ने घर की घेराबंदी कर ली है। उसने पुलिस पर मारपीट और धमकाने के आरोप भी लगाए। हालांकि, अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। करीब 11 बजे टीएमसी के सांसद डेरेक ओब्राइन, डॉ. कोकिला घोष, प्रतिभा मंडल व पूर्व सांसद ममता ठाकुर ने गांव में जाने की कोशिश की तो पुलिस ने मोड़ पर रोक लिया। इस दौरान नेताओं की सिटी मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा व पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। इस बीच डेरेक ओब्राइन सड़क पर गिर गए। वहीं प्रतिभा मंडल अधिकारी पर टच करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।

 मीडियाकर्मियों ने धरना दिया

एसआइटी ने सुबह फिर से गांव जाकर छानबीन की और बयान दर्ज किए। इसको लेकर मीडिया को एंट्री नहीं दी गई। कुछ मीडियाकर्मियों ने वहां धरना भी दिया। शाम को कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन भी पीड़िता के गांव जाने के लिए वहां पहुंचे। उनकी भी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। आप कार्यकर्ताओं को भी गांव नहीं जाने दिया गया।

 सवर्ण समाज के लोग एकजुट

20 से अधिक गांवों के लोगों की पंचायत आरोपितों के पक्ष में सवर्ण समाज के लोग एकजुट होने लगे हैं। बूलगढ़ी की पंचायत बघना सवर्ण समाज की महापंचायत हुई। इसमें 20 से अधिक गांवों के लोग शामिल हुए। महापंचायत में शामिल लोगों ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की, साथ ही एक पक्षीय कार्रवाई पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।

पूर्व विधायक ने लगाए गंभीर आरोप

भाजपा के पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता की। उन्होंने सांसद के दबाव में पुलिस द्वारा निर्दोश लोगों को जेल भजेने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि अंदेशा है कि पीड़िता की मां और भाई ने ही उसे मारा है। उधर सांसद राजवीर दिलेर का कहना है कि घटना के समय वह सदन में थे। एक बार पीड़िता के परिवार से मिलने गए थे। उन्होंने किसी तरह का दबाव पुलिस पर नहीं बनाया।

 गांव में सभी का प्रवेश बंद

एसआइटी गांव में जांच कर रही है। जांच की गोपनीयता बनी रही, इस लिए गांव में सभी का प्रवेश बंद रखने के आदेश हैं। टीएमसी नेताओं के आरोप निराधार हैं। शांति व्यवस्था खराब करने वालाें पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रेम प्रकाश मीणा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट