पाकिस्तान की जेल में बंद अलीगढ़ के बादल बाबू पर हमला, पिता से लगाई बचाने की गुहार
अलीगढ़ के बादल बाबू, जो पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद हैं, ने अपने पिता से फोन पर बात करते ...और पढ़ें

पाकिस्तान की जेल में बंद अलीगढ़ का बादल बाबू।
HighLights
पाकिस्तानी कैदी सरबजीत पर जानलेवा हमले का आरोप।
किडनी संक्रमण से जूझ रहे बादल बाबू ने मांगी मदद।
संवाद सूत्र, बरला (अलीगढ़)। सरहद पार कर अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा बरला के बादल बाबू की लाहौर जेल में बंद उसकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। उसकी तबियत भी खराब बताई जा रही है। वहीं लाहौर की लखपत जेल से हुई फोन पर पिता से बातचीत के दौरान उसने पाकिस्तानी कैदियों द्वारा हमला कर मारपीट का आरोप लगाया है। यह भी कहा कि पापा मुझे बचा लो जेल में कैदी मुझसे आये दिन मारपीट करते हैं।
बरला के गांव नगला खिटकारी निवासी बादल बाबू करीब दो वर्ष से पाकिस्तान में बंद है। करीब 6 माह से लाहौर की लखपत जेल में है। वह दिल्ली की एक्सपोर्ट कंपनी में सिलाई का कार्य करता था। वर्ष 2022 में फेसबुक के जरिए उसे पाकिस्तान के बहाउद्दीन मंडी के माउंग गांव की सना से दोस्ती हो गई। कुछ समय बाद ही दोस्ती प्यार में बदल गई।
दोस्ती प्यार में बदली तो बिना वीजा, पासपोर्ट के वह सरहद पार कर युवती से मिलने पाकिस्तान पहुंच गया। 27 दिसंबर, 2024 को उसे पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार किया। बहाउददीन पुलिस ने बिना बीजा पासपोर्ट के पाकिस्तान में दाखिल होने का आरोप तय कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। न्यायालय में ट्रायल के बाद बादल को 13 मई, 2025 को एक साल की सजा सुनाई गई।
जेल में उसने धर्म बदल कर बादल से आदल नाम रख लिया। 26 दिसंबर 2026 को रिहा कर दिया गया। पांच हजार रुपये जुर्माना न भरने के एवज में उसे लाहौर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया। फिलहाल करीब 6 माह से वह लाहौर के लखपत जेल में बंद है। बुधवार को उसने जेल के पीसीओ से पिता कृपाल सिंह से बातचीत की। दहाड़ मारकर रोने लगा।
बोला पापा मुझे बचा लो जेल में बंद पाकिस्तानी कैदी सरबजीत मुझसे मारपीट करता है। दो बार जान से मारने की नीयत से हमला भी कर चुका है। मेरी किडनी में भी इंफेक्शन है। ठीक से इलाज भी नहीं हो रहा है।
