अलीगढ़ : नगीना सांसद चंद्रशेखर समेत 33 नेताओं से वापस होंगे मुकदमे, लॉकडाउन में हुई थी कार्रवाई
प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन उल्लंघन के कम गंभीर मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की ...और पढ़ें

नगीना सांसद चंद्रशेखर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन व कोविड प्रोटोकाल के उल्लंघन के आरोप में वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधियों पर दर्ज मुकदमों की फाइल अब फिर खुल गई है। प्रदेश सरकार ने ऐसे कम गंभीर मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
शासन से अलीगढ़ समेत 18 जिलों के प्रशासन को संबंधित अदालतों में मुकदमे वापसी के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद पूरी प्रक्रिया इलाहाबाद हाईकोर्ट की अनुमति से आगे बढ़ेगी। इस सूची में नगीना के सांसद चंद्रशेखर समेत प्रदेश के कुल 33 नेताओं के नाम हैं।
जिले से पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खां, राकेश सिंह व वीरेश यादव का नाम भी शामिल है। शासन की ओर से विशेष सचिव डा. सत्यवान सिंह ने इस संबंध में जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि सूची में शामिल मामलों की जानकारी लेकर संबंधित न्यायालय में नियमानुसार प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जाए।
इसकी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही मुकदमे वापस लेने की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होगी। इस सूची में कुल 33 नेताओं के नाम हैं। इनमें अलीगढ़ जिले से जुड़े चार नेता शामिल हैं। इनमें आजाद समाज पार्टी के प्रमुख एवं नगीना से वर्तमान सांसद चंद्रशेखर का मामला थाना सिविल लाइन से जुड़ा है।
इसके अलावा पूर्व विधायक वीरेश यादव के खिलाफ थाना दादों, पूर्व विधायक जमीर उल्लाह के खिलाफ थाना क्वार्सी व पूर्व विधायक राकेश सिंह के खिलाफ थाना बन्नादेवी में मुकदमा दर्ज हुआ था। इन मामलों में कोरोना काल के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों व प्रोटोकाल से जुड़े उल्लंघन के आरोप थे।
अब शासन की ओर से इनकी वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाने के बाद संबंधित जिला प्रशासन न्यायालय में आवश्यक कार्रवाई करेगा।
33 मामलों पर शासन की नजर
प्रदेशभर में वर्तमान और पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ कोरोना काल में दर्ज करीब 33 कम गंभीर मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूची में अलीगढ़ के अलावा अन्य जिलों के जनप्रतिनिधियों के मामले भी शामिल हैं। इसी क्रम में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम भी सामने आया है।
उनके खिलाफ आगरा के थाना लोहामंडी में मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके अजय लल्लू का नाम भी सूची में शामिल है। मुकदमों की वापसी सीधे शासन के आदेश से नहीं होगी। विशेष सचिव की ओर से जारी निर्देश में न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया गया है।
पहले भी हो चुकी है कई मामलों में प्रक्रिया
कोरोना काल के मामलों में मुकदमे वापसी का विषय नया नहीं है। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने भी कुछ जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कोरोना गाइडलाइन उल्लंघन समेत कम गंभीर मामलों में वापसी की अनुमति दी थी और संबंधित अदालतों में नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने को कहा था।
