अलीगढ़, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया का मंत्र यहां उर्वरक व्यापारियों ने खूब जपा। यही वजह है कि प्रदेश में उर्वरक के कैशलेस व्यापार में अलीगढ़ टॉपटेन सूची में है। 44.50 फीसद फर्मों ने ऑनलाइन खरीद-फरोख्त कर जिले काे सातवें पायदान पर लाकर खड़ा कर दिया। लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर जैसे बड़े जिले भी पिछड़ गए। लखनऊ 19वें नंबर पर है। यहां 472 विक्रेताओं में 155 विक्रेता ही कैशलेस व्यापार कर रहे हैं। कानपुर 67वें स्थान पर है। यहां 502 विक्रेताओं में 66 कैशलेस का पालन कर रहे हैं। इलाहाबाद 34 वें नंबर पर है। यहां 1152 विक्रेताओं में 310 ही प्रणाली से जुड़े हैं। हालांकि, अलीगढ़ की उपलब्धि को कृषि अधिकारी कम बता रहे हैं। अब उनका लक्ष्य टॉप थ्री में आने का है। इसके लिए फर्म संचालकों को कैशलेस व्यापार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हिदायत भी दी जा रही है। दरअसल, क्यूआर कोड के बिना व्यापार करने पर उर्वरक की आपूॢत बंद करने की कार्रवाई जल्द ही शुरू होने वाली है। हर व्यापारी को अपनी फर्म पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा।

कालाबाजारी पर लगेगी लगाम

कैशलेस प्रणाली से खाद की कालाबाजारी पर बहुत हद तक लगाम कस सकेगी। इससे तय मूल्य पर खाद खरीदने में किसानों की जेब नहीं कटेगी। बड़े व्यापारियों पर भी कृषि अधिकारी नकेल कस सकेंगे। वहीं, फुटकर विक्रेताओं को ब्लैक में खाद नहीं खरीदनी पड़ेगी। उर्वरक विक्रेताओं के लिए पीओएस (प्वाइंट आफ सेल) मशीन लगवाना पहले ही अनिवार्य कर दिया गया है। पीओएस के जरिये किसानों को न केवल पक्की रसीद मिलेगी, कृषि विभाग की नजर भी दुकानदारों पर बनी रहेगी।

प्रदेश की स्थिति

60,690 लाइसेंस धारक हैं प्रदेश के 75 जिलों में

55,130 व्यापारियों की संचालित हैं फर्म

14,630 व्यापारी कर रहे कैशलेस व्यापार

26.54 प्रतिशत है प्रदेश में कैशलेस व्यापार

कैशलेस उर्वरक बिक्री में टॉपटेन जिले

जनपद, फर्म, ऑनलाइन बिक्री, प्रतिशत

हापुड़, 246, 231, 93.90

शाहजहांपुर, 1314, 1224, 93.15

ललितपुर, 212, 133, 62.74

मेरठ, 548, 296, 54.01

संभल, 532, 273, 51.32

आगरा, 857, 437, 50.99

अलीगढ़, 1119, 498, 44.50

सहारनपुर, 463, 202, 43.63

बलरामपुर, 844, 367, 43.48

बागपत, 231, 98, 42.42

कैशलेस व डिजिटल भुगतान प्रणाली के क्रियांवयन के लिए सभी थोक व फुटकर विक्रेताओं का निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रतिष्ठानों पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने वालों की आपूॢत बंद की जा सकती है।

-विनोद कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, अलीगढ़।

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