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अलीगढ़ रिंग रोड: भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, जद में आए 37 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक

Published: Mon, 21 Sep 2026 04:49 PM (IST)

अलीगढ़ रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने के बाद 37 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर दो ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. रिंग रोड के लिए 37 गांवों में जमीन खरीद-फरोख्त पर रोक।

  2. भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से हजारों लोग परेशान, राजस्व कार्य ठप।

  3. गभाना के 10 और कोल के 27 गांव प्रभावित हुए हैं।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। प्रस्तावित रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद 37 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक दो महीने बाद भी लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। कोई जमीन बेचने के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है तो कोई बैनामा कराने के लिए भटक रहा है। नामांतरण समेत जमीन से जुड़े अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हैं। अब तक यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है कि किन गाटा संख्या की जमीन रिंग रोड में आएगी। हजारों लोग परेशान हैं।

24 जून को केंद्र सरकार ने रिंग रोड के लिए अधिसूचना जारी की थी। नौ जुलाई को प्रशासन ने कोल व गभाना तहसील के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे। परियोजना में आने वाली संभावित भूमि से जुड़े बैनामा, नामांतरण, सीएलयू, कालोनी विकास, गिफ्ट डीड, बंधक व विनिमय के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एनओसी अनिवार्य की गई। इस रोक का असर उन लोगों पर भी पड़ रहा है, जिनकी जमीन के रिंग रोड में आने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

कार्यालयों के काट रहे चक्कर

ग्रामीणों का कहना है कि पूरे गांव में व्यवस्था लागू होने से सामान्य जमीन के सौदे भी अटक गए हैं। कई लोगों ने जमीन बेचने का सौदा तय कर रखा है, बैनामा नहीं हो पा रहा। जिन लोगों ने जमीन खरीदने के लिए रकम और अन्य तैयारियां कर रखी हैं, उन्हें भी इंतजार करना पड़ रहा है।

तहसील व एनएचएआई कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। जमीन से जुड़े दस्तावेजों के काम प्रभावित हैं। अधिग्रहण में आने वाले गाटाओं की पहचान स्पष्ट कर दी जाए तो बाकी के मामलों में स्थिति सामान्य की जा सकती है।

गभाना के 10 व कोल के 27 गांव

एनएचएआई के परियोजना निदेशक शेषनाथ यादव के अनुसार संबंधित भूमि का स्थानीय स्तर पर सर्वे पूरा हो चुका है। रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वहां से मुहर लगने के बाद स्थानीय स्तर पर गजट प्रकाशन होगा। इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रिंग रोड परियोजना में गभाना तहसील के 10 व कोल तहसील के 27 गांव शामिल हैं।

इन गांवों में आदेश लागू

रिंग रोड परियोजना में गभाना तहसील के 10 गांव लिए गए हैं। इनमें पला सल्लू, कौरह रुस्तमपुर, सांगोर, गिरधरपुर, खेरिया हैवत खां, कलुआ, दादूपुर कोटा, सुमेरपुर, समस्तपुर कोटा व अमरौली शामल हैं। कोल तहसील के 27 गांव परियोजना में शामिल हैं।

इनमें कस्तली वैश्य, पला मजरा कस्ती वैश्य, चंदौखा, छेरत सुढ़ियाल, साठा, खेरूपुरा, सपेरा भानपुर, किठारा, जटपुरा, बरौठ, मोरथल, मोहनपुर, नयाबांस नरेंद्रगढ़ी, आजमाबाद मछुआ, सिकंदरपुर मछुआ, खान आलमपुर, इमलानी, मई, महमूदपुर जमालपुर, चंगेरी, भोजपुर, अलहदादपुर, पनैठी, अदौन, जुलूपुर सिहोर, बरौठा व हरदुआगंज शामिल हैं। इन गांवों में रोक लागू है।