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पांच बार चढ़ चुका टावर पर, अधिकारियों ने दिया नौकरी का प्रस्ताव; अलीगढ़ के युवक ने रख दी अपनी शर्त

By Krishna Chandra Dargarh Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 24 Sep 2026 07:13 PM (IST)

पांच बार टावर पर चढ़ चुके बर्खास्त संविदा चालक राजू सैनी ने गार्ड की नौकरी का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ...और पढ़ें

अलीगढ़ में रोडवेज अधिकारियों के साथ नौकरी को लेकर होती बातचीत।

अलीगढ़ में रोडवेज अधिकारियों के साथ नौकरी को लेकर होती बातचीत।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। पांच बार टावर पर चढ़ चुके रोडवेज से बर्खास्त संविदा चालक राजू सैनी ने दो टूक कहा है कि गार्ड की नौकरी नहीं करूंगा। चालक की नौकरी देनी है तो दो। नहीं मिली तो कोई बड़ा कदम उठाऊंगा।

गुरुवार को वार्ता के लिए रोडवेज कार्यालय पहुंचने पर उसने यह बातें कहीं। भाजपा पार्षद हरीश सैनी की मध्यस्थता में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरसी धारीवाल ने बातचीत के लिए बुलाया था। 

राजू सैनी को परिवहन निगम ने दो साल पहले बार-बार टावर पर चढ़ने और आत्महत्या की धमकी देने व अधिकारियों को गाली गलौच करने के आरोप में चालक के पद से बर्खास्त कर दिया था। राजू सैनी का कहना है कि वह नौकरी की बहाली के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उनकी पत्नी को कैंसर है। मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है

आय का कोई स्रोत नहीं है। इस कारण आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। बहाली की मांग लगातार कर रहा हूं। आठ सितंबर को टावर पर भी चढ़ा गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर उतर आया। उसे गार्ड के पद पर नौकरी देने की बात कही थी।

इसके लिए विभाग की ओर से मुख्यालय से अनुमोदन भी मांगा था लेकिन वह चालक बनने की जिद पर अड़ा रहा। 20 सितंबर को फिर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस बार रात पर वहीं पर रहा। अगले दिन समझाने के बाद उसे उतारा गया। 22 सितंबर को एआरएम आरसी धारीवाल ने उसे बुलाया

वहां भी उसने चालक के पद पर ही नौकरी देने की शर्त रखी। उसे समझाने के लिए भाजपा पार्षद हरीश सैनी को मध्यस्थता के लिए बुलाया गया। बुधवार को वे नहीं पहुंचे। गुरुवार को दोनों एआरएम ऑफिस पहुंचे। इस दौरान नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार भी मौजूद थे।

वहां दोनों पक्षों में बातचीत हुई लेकिन राजू सैनी स्पष्ट करते हुए कहा कि चालक रहा है तो चालक रहेगा। गार्ड की नौकरी नहीं करेगा। उसके रवैये से अधिकारी भी परेशान हैं।

पार्षद हरीश सैनी ने बताया कि राजू सैनी को समझाने का प्रयास किया गया। दो महीने गार्ड की नौकरी कर ले। मानसिक स्थिति ठीक हो जाए तो चालक की नौकरी कर लेना। चालक की नौकरी की जिद पर अड़ा हुआ है। कोई समझौता नहीं हो सका है।