रिंकू शर्मा, अलीगढ़।  चौंकिये मत। ये एकदम सच है। शायद प्रदेश का यह पहला मामला होगा, जहां पुलिसकर्मी लैपर्ड बाइकों को जंजीरों में जकड़कर रख रहे हों। अलीगढ़ में ऐसा ही हो रहा है। पुलिस में ये खौफ अचानक ही पैदा नहीं हुआ। करीब दो सप्ताह पहले एक लैपर्ड बाइक चोरी हो गई थी। पुलिस उसे अब तक नहीं खोज पाई है। चिंता यह भी सताने लगी कि उनकी कोई और बाइक चोरी न हो जाए। दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंककर पीता है। ये कहावत भी पुलिस कर्मियों पर सटीक बैठ रही है। 

पांच साल मेंं तीन हजार बाइक चोरी के मामले दर्ज 

जिले में रोजाना औसतन तीन से चार बाइक चोरी हो जाती हैं। पुलिस रिपोर्ट भी दर्ज कर लेती है। इनमें से पांच से छह फीसद ही बाइक बरामद हो पाती हैं। पांच साल के दौरान करीब तीन हजार बाइक चोरी के मामले दर्ज हुए। इनमें से 2613 बाइक मिल नहीं पाई हैैं। वाहन चोरी के अधिकांश मामलों में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगाने में अपनी जीत समझती है। इस साल सात अक्टूबर को चोरों ने क्वार्सी थाने की लैपर्ड (बाइक) नंबर 68 को क्वार्सी चौराहे से चोरी कर चुनौती दी तो अफसरों के होश फाख्ता हो गए। बाइक भी ऐसे समय चुराई, जब पास में ही एक दारोगा चेङ्क्षकग कर रहे थे। बाइक को तलाशाने के लिए जिले भर की पुलिस ने एड़ी- चोटी का जोर लगा लिया। शहर भर के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। क्वार्सी चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दो लोग बाइक को जीवनगढ़ की तरफ ले जाते हुए दिखे थे। वहां व उसके आसपास के जितने भी वाहन चोर व संदिग्ध लोग थे सबसे पूछताछ की, लेकिन बाइक नहीं मिली। अब इसकी तलाश में एसओजी, सर्विलांस समेत पुलिस की 10 टीमें लगी हुई है। इस मामले से लैपर्ड बाइक पर तैनात अन्य पुलिसकर्मी भी सचेत हो गए हैं। चौकी या कहीं पर बाइक खड़े करते समय लोहे की चेन में ताला लगाते हैैं। जिले में 75 लैपर्ड बाइक हैैं।

इनका कहना है

लैपर्ड बाइक की तलाश में कई टीमें लगी हुई हैं। वाहन चोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। कई शातिर चोरों को पकड़कर जेल भी भेजा गया है।

- कुलदीप सिंह गुनावत, एसपी सिटी

Edited By: Anil Kushwaha