बेटी की तलाश को अब परिवार नहीं उठाएगा वाहन का खर्च, अलीगढ़ SSP ने दिया थानों को बजट
अलीगढ़ पुलिस ने लापता बेटियों की तलाश के लिए सभी 30 थानों को विवेचना बजट आवंटित किया है, जिससे अब ...और पढ़ें

अलीगढ़ के एसएसपी नीरज कुमार जादौन।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। बेटी के लापता होने के बाद उसकी तलाश में पुलिस टीम को दूसरे जिले या राज्य जाना पड़ा तो परिजनों को अब वाहन जुटाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अलीगढ़ पुलिस ने पहली बार सभी 30 थानों को अलग विवेचना बजट उपलब्ध कराया है।
थानों को अपराध संख्या और आबादी के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटकर हर महीने 25, 40 और 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी बजट से पुलिस टीम के लिए निजी वाहन किराये पर लेने से लेकर ट्रेन का टिकट कराने तक का खर्च उठाया जाएगा।
एसएसपी नीरज जादौन ने थाना प्रभारियों और सर्किल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बरामदगी के लिए परिवार से वाहन या उसका खर्च न मांगा जाए। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जनवरी से अगस्त के बीच जिले में घर छोड़ने या किसी के साथ जाने से जुड़े 865 मुकदमे दर्ज हुए। इनमें करीब 800 मामले युवतियों और किशोरियों से जुड़े हैं। औसतन हर महीने करीब 100 मामले सामने आए। ऐसे मामलों में दूसरे जिले या राज्य में लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम को दबिश के लिए रवाना होना पड़ता है।
अब तक कई मामलों में परिजनों से वाहन उपलब्ध कराने को कहा जाता था। नई व्यवस्था में यह जिम्मेदारी पुलिस की होगी। इससे बरामदगी की कार्रवाई परिवार के संसाधनों पर निर्भर नहीं रहेगी और पुलिस टीम को जरूरत के मुताबिक तत्काल रवाना किया जा सकेगा।
