AMU में जमकर हंगामा, छात्र संघ चुनाव की मांग पर अड़े स्टूडेंट्स; प्राॅक्टर से धक्का-मुक्की
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर छात्रों ने हंगामा किया। निलंबित छात्र ...और पढ़ें
HighLights
छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग पर हंगामा।
निलंबित छात्र यासिर फहद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के डक प्वाइंट पर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। निलंबित किए गए एमए उर्दू के छात्र यासिर फहद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।
धरना रोकने के दौरान छात्रों और प्राॅक्टोरियल टीम के बीच करीब एक घंटे तक धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद भी छात्र जुटे रहे। यासिर फहद के अनुसार, 48 घंटे पहले कुलपति के नाम प्राॅक्टर कार्यालय में ज्ञापन दिया गया था। इसमें 48 घंटे के भीतर छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग की गई थी।
तय समय में चुनाव की तारीख घोषित नहीं होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की गई थी। सोमवार को वह डक प्वाइंट पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। यासिर फहद ने आरोप लगाया कि छात्रों को धरने से हटाने के दौरान प्राॅक्टोरियल टीम ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की।
उनका आरोप है कि उनकी जेब में हाथ डाला गया, उन्हें मारा और घसीटा गया। उन्होंने निजी अंग पर चोट पहुंचाने का भी आरोप लगाया। यासिर ने कहा कि उनकी हालत खराब है, लेकिन छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित होने तक वह भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। धरने के दौरान बड़ी संख्या में छात्र डाक प्वाइंट पर जुटे रहे।
विमेंस कॉलेज में प्रदर्शन में शामिल छात्र निलंबित
AMU के विमेंस कालेज के अब्दुल्ला हॉल में 14 सितंबर को हुए प्रदर्शन के मामले में एमए उर्दू प्रथम वर्ष के छात्र यासिर फहद को निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शन में छात्र की भूमिका के साक्ष्य मिले हैं। अपना पक्ष रखने के लिए उसे कई बार बुलाया गया, लेकिन वह अधिकारियों के समक्ष पेश नहीं हुआ।
प्रॉक्टर प्रो. नावेद खान ने सोमवार को बताया कि यासिर को पहली बार 15 सितंबर को बुलाया गया था। इसके बाद 19 और 20 सितंबर को भी उसे अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया। छात्र से करीब पांच बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। प्रोवोस्ट से भी उसे अधिकारियों के समक्ष भेजने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं पहुंचा।
प्रशासन के अनुसार, यासिर फहद के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई प्रदर्शन में उसकी भूमिका और बार-बार बुलाए जाने के बावजूद अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं होने पर की गई है।
