अलीगढ़ [जेएनएन]: प्रशासन की ओर से लागू होम डिलीवरी व्यवस्था में झोल नजर आ रहा है। शुक्रवार को दैनिक जागरण ने इसकी पड़ताल की तो अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सामने आया कि होम डिलीवरी में दवा, दूध, सब्जी लोगों के घरों पर पहुंचनी तो दूर 80 फीसद से अधिक दुकानदारों से बात तक नहीं हो पा रही है। किसी का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है तो कोई कॉल ही रिसीव नहीं कर रहा है। कुछ के नंबर गलत भी हैं।

सरकारी व्यवस्था में झोल

देश भर में 14 अप्रैल तक लॉक डाउन की घोषणा कर दी गई है। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं की खरीद में छूट दी है। स्थानीय प्रशासन ने बाजार से भीड़ कम करने के लिए दूध, दवा, सब्जी, किराना के सामान के अलावा अन्य आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी की व्यवस्था शुरू की।  शहर भर के करीब 300 से अधिक दुकानदार चिह्नित कर नंबर जारी किए, लेकिन अब तक यह सफल होती नहीं दिख रही है।

18 को किए फोन, चार पर ही हुई बात 

दैनिक जागरण ने प्रशासन की ओर से दोपहर एक से चार बजे के बीच में जारी कुल नंबरों में से 18 को सैंपल के तौर पर चिह्नित कर फोन किए। इनमें से चार पर ही बात हो सकी। इनमें तीन ने ही होम डिलीवरी के लिए स्वीकृति दी। एक किराना दुकानदार ने तो जानकारी ही न होने की बात कही।

इन्हें किया गया फोन

मेडिकल स्टोर में सबसे पहले रघुवीरपुरी स्थित इंडिया मेडिकल स्टोर को फोन किया है। इनका फोन नहीं उठा। सासनी गेट के विनोद मेडिकल स्टोर स्वामी का भी फोन नहीं उठा। जकरिया मार्केट के आबाद मेडिकल स्टोर स्वामी ने भी कोई जवाब नहीं दिया। गांधी पार्क के दवा घर के स्वामी ने जरूर होम डिलीवरी की हामी भरी। वहीं, बंसल नर्सिंग होम के निकट साईं मेडिकल वालों का तो नंबर ही अमान्य रहा। इसी तरह सब्जी विक्रेताओं में लाल डिग्गी के संजय वेजिटेबल, बृजधाम गेस्ट हाउस के रूबी एंड संस, दोदपुर के बाबू भाई एंड संस का फोन नहीं उठा। स्टैंट बैंक तिराहे के लिए तय मां लक्ष्मी टे्रडर्स का नंबर इलाहाबाद का बता रहा था। दूध विक्रेताओं में तीन लोगों को फोन किया, दो से बात नहीं हो सकी। वहीं, विवेक चौहान ने जरूर होम डिलीवरी की स्वीकृति दी। किराना स्टोर में विष्णु प्रोवीजन स्टोर ने सामान बेचने की हामी भरी। बाकी के अमर प्रोवीजनल स्टोर संचालक का फोन ऑफ था। वहीं, पला साहिबाबाद के नंद किशोर प्रोवीजनल का फोन उठा ही नहीं।

इस तरह किए हैं चिह्नित होम डिलीवरी के लिए 46 मेडिकल स्टोर, 45 एलपीजी डिस्टीब्यूटर, 25 सब्जी विक्रेता, चार अंडा विक्रेता, सात दूध सप्लायर व 192 किराना की दुकानें चिह्नित की गईं, इन सभी के अपने-अपने क्षेत्र तय हैं।

फोन न उठाने की होगी जांच होगी

एडीएम वित्त विधान जायसवाल का कहना है कि होम डिलीवरी के लिए अधिकांश ने काम शुरू कर दिया है। कुछ रह गए हैं। जल्द ही वह भी शुरू कर देंगे। अगर कोई फोन नहीं उठा रहा है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।

Posted By: Sandeep Saxena

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