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जमीन का सर्किल रेट 75 लाख रुपये, बाजार में भाव पांच करोड़; योजनाओं ने बढ़ाई कीमत, पांच से आठ गुना तक अंतर

Published: Tue, 08 Sep 2026 09:33 AM (GMT+05:30)

अलीगढ़ में जमीन के सर्किल रेट और बाजार भाव में पांच से आठ गुना तक का भारी अंतर है, जहां ...और पढ़ें

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सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़। विकास की रफ्तार के साथ जमीन के दाम भी आसमान छू रहे हैं। जिस जमीन का सर्किल रेट 75 लाख रुपये प्रति एकड़ है, बाजार में उसकी कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है। सरकारी दर व बाजार भाव में पांच से आठ गुना तक का अंतर है।

जमीन की वास्तविक कीमत व सर्किल रेट में इतना बड़ा फासला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। इसका असर राजस्व के साथ सरकारी योजनाओं के लिए भूमि खरीदने में दिखाई दे रहा है।

जिले में सात उप निबंधन कार्यालय हैं। इनमें तीन कोल तहसील में, खैर, अतरौली व गभाना में एक-एक हैं। जमीन की सबसे अधिक मांग खैर रोड पर है।

खेरेश्वर चौराहे से आगे लोधा क्षेत्र में जमीन का सर्किल रेट करीब 75 लाख रुपये प्रति एकड़ है, बाजार में यही जमीन पांच करोड़ रुपये तक बिक रही है। सड़क से लगी जमीन तो इस कीमत में भी नहीं मिल रही।

लोधा से आगे अंडला में सर्किल रेट करीब 55 लाख रुपये प्रति एकड़ है, बाजार भाव करीब पांच करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। सुजानपुर व नारायनपुर में भी 60 लाख रुपये प्रति एकड़ सर्किल रेट के मुकाबले जमीन की बाजार कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

जीटी रोड पर पनैठी से आगे जमीन के भाव में भी बड़ा अंतर है। यहां सर्किल रेट करीब 60-85 लाख रुपये प्रति एकड़ है। बाजार में जमीन ढाई करोड़ रुपये एकड़ तक बिक रही है।

शहर से रामघाट रोड पर बरौठा के आसपास सर्किल रेट 65 से 75 लाख रुपये प्रति एकड़ है, बाजार भाव करीब पांच करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हरदुआगंज व आसपास के क्षेत्रों में भी जमीन की कीमतों में तेजी आई है।

जानकारों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में अलीगढ़ में विकास की बढ़ती रफ्तार ने जमीन को निवेश का बड़ा केंद्र बना दिया है। जिस क्षेत्र में नई सड़क, औद्योगिक क्षेत्र, एयरपोर्ट, रिंग रोड या बड़े संस्थान की संभावना बनी, वहां जमीन की मांग बढ़ती चली गई।

रामघाट रोड तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। यहां तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र पहले से विकसित है। सड़क चौड़ीकरण के साथ नया रिंग रोड निकल रहा है। एकीकृत न्यायालय परिसर भी इसी क्षेत्र में प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं ने जमीन की मांग बढ़ाई है।

जीटी रोड पर पनैठी क्षेत्र में एयरपोर्ट विकसित हो चुका है। जसरथपुर गांव में डिफेंस कारिडोर का दूसरा चरण विकसित हो रहा है और रिंग रोड की शुरुआत भी इसी क्षेत्र से होनी है। इन इलाकों में जमीन के बाजार भाव सर्किल रेट से बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं।

जेवर एयरपोर्ट ने खैर-टप्पल में बढ़ाया आकर्षण

टप्पल व खैर क्षेत्र जेवर से सटा है। जेवर एयरपोर्ट बनने के बाद इस क्षेत्र में प्रापर्टी बाजार को नई गति मिली है। आसपास होटल, रेस्टोरेंट, आईटी कंपनियों व ट्रांसपोर्ट सुविधाओं के विस्तार की संभावना से जमीन की मांग बढ़ी है।

एडीए का करीब तीन हजार एकड़ में राजपुर औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है। यीडा का लाजिस्टिक पार्क भी इसी क्षेत्र में प्रस्तावित है। खैर से आगे के क्षेत्र में जमीन के भाव बढ़ रहे हैं। शहर से खैर के बीच भी कई बड़े प्रोजेक्ट हैं।

टीपी नगर, डिफेंस कारिडोर व विश्वविद्यालय के साथ ग्रेटर अलीगढ़ भी इसी रूट पर प्रस्तावित है। इसकी बजह से चार वर्षों में क्षेत्र में जमीन की कीमत करीब दो गुना तक बढ़ने की बात सामने आ रही है।

सरकारी परियोजनाओं के सामने भी बड़ी चुनौती

सर्किल रेट व बाजार कीमत में भारी अंतर का असर सरकारी परियोजनाओं पर पड़ रहा है। प्रशासन के लिए सर्किल रेट के आधार पर भूमि खरीदना मुश्किल हो रहा है। कई स्थानों पर किसान सर्किल रेट के चार गुना दाम पर भी जमीन देने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि बाजार में इससे कहीं अधिक कीमत मिल रही है।

जिस क्षेत्र में 75 लाख रुपये प्रति एकड़ सर्किल रेट हैं, वहां बाजार भाव पांच करोड़ रुपये तक पहुंचने के कारण चार गुना कीमत भी किसानों को आकर्षित नहीं कर रही। एकीकृत न्यायालय परिसर में भी फिलहाल यही अडंगा है।

बीते वर्ष सर्किल रेट बढ़े थे। अब प्रदेश में एक साथ सर्किल रेट बढ़ने हैं। शासन स्तर पर नियमों में कुछ संशोधन चल रहा है। शासन के निर्देश पर सर्किल रेट पर काम होगा।

-बृजेश कुमार, एआईजी स्टांप