अलीगढ़ (जेएनएन)। विकास कार्यों के साथ ही हैंडपंप लगाने में भी घपले-घोटाले हो रहे हैं। विधायक निधि से जिले में लगे अधिकांश हैंडपंप दो महीने में ही जवाब देने लगे हैं। किसी का पानी उतर रहा है तो किसी में बालू आ रही है। हत्था बैक मारने की समस्या भी है। भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य राजकुमार चौहान ने इसकी शिकायत सीएम कर जांच कराने की मांग की है।

एक विधायक को 100 हैंडपंप

सपा सरकार में सरकारी विभाग हैंडपंप लगाते थे। पिछले साल भाजपा की सत्ता आई तो नियमों में बदलाव कर दिया। विधायकों के माध्यम से हैंडपंप लगवाए जाने लगे। मार्च के बाद हर विधायक के कोटे में 100 हैंडपंप दिए गए। जिले की सातों विधानसभाओं में 700 हैंडपंप लगाए गए।

56 हजार खर्च

यूपी एग्रो इंडस्ट्रियल लिमिटेड को हैंडपंप लगाने की जिम्मेदारी दी गई। इसमें विधायक प्रस्ताव बनाकर सीडीओ के पास भेजते हैैं। इसके बाद टेंडर समेत अन्य प्रक्रिया पूरी होती है। फिर यूपी एग्रो ठेकेदार से हैंडपंप लगाता है। एक हैंडपंप पर 56 हजार रुपये खर्च होते हैैं।

अधिकांश खराब

हैंडपंपों में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। दो-दो महीने में ही ये जवाब देने लगे हैं। हर विधानसभा क्षेत्र से शिकायतें आ रही हैं। ग्रामीण अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।

इन स्थानों की शिकायत

- खैर बाईपास रोड पर किरन पैलेस के सामने हैंडपंप में पानी के साथ मिट्टी व बालू आ रही है।

-देहलीगेट क्षेत्र के हैंडपंप में क्षेत्रीय लोगों ने 20 फुट पाइप बाजार से खरीद करा डाला है।

- रामनगर बिजलीघर के पीछे राजू के घर सामने वाला हैंडपंप पानी नहीं दे रहा।

-रामनगर कॉलोनी खैर रोड पर उमेश के घर के सामने हैैंडपंप का पानी उतर जाता है।

-एक दर्जन स्थानों पर हैंडपंपों का हत्था बैक मार रहा है।

लिखित शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई

सीडीओ दिनेश चंद्र का कहना है कि कुछ लोगों ने मौखिक शिकायत की हैं। लिखित में शिकायत आने पर जांच कराई जा रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी हुई तो कार्रवाई होगी।

Posted By: Mukesh Chaturvedi