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बेटी की डोली से पहले उठी पिता की अर्थी: घर से विदाई की जिद पूरी न होने पर पिता ने फंदा लगाकर दे दी जान

Published: Sun, 15 Feb 2026 04:00 AM (IST)

अलीगढ़ के बाबूपुर गांव में 42 वर्षीय जगवीर सिंह ने अपनी बेटी कृष्णा की शादी से पहले आत्महत्या कर ली। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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संवाद सूत्र जागरण अलीगढ़। एक पिता का सपना होता है कि वह अपनी बेटी को कंधों पर बिठाकर उसे दुनियां दिखाए। जब बेटी बड़ी होती है, तो पिता उसकी शादी की चिंता में दिन-रात मेहनत करता है। बरला के गांव बाबूपुर निवासी 42 वर्षीय जगवीर सिंह का भी यही सपना था।

वह पिछले दो महीनों से अपनी बड़ी बेटी कृष्णा की शादी की तैयारी कर रहा था। उसने शादी का सामान भी जुटा लिया था, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था। 20 फरवरी को बेटी की शादी थी, उससे पहले ही उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

पिपलोई के माजरा बाबूपुर निवासी जगवीर सिंह के दो बेटियां कृष्णा व राधा और दो बेटे मोहन व गोपाल हैं। उन्होंने कृष्णा की शादी अलीगढ़ रामघाट रोड पर रहने वाले युवक के साथ तय की थी। जगवीर ने अपने साले के साथ चार लाख रुपये शादी के खर्च के लिए तय किए थे।

लेकिन, कृष्णा के मामा ने शादी अपने गांव हेतलपुर में करने की बात कही, जिससे जगवीर और उसके साले के बीच बहस हुई। शुक्रवार को जगवीर की पत्नी वीनेश बेटी को मायके ले गई और कहा कि शादी वहीं से होगी। जगवीर ने अपनी बेटी की विदाई घर से करने की इच्छा जताई, लेकिन पत्नी नहीं मानी।

इसी बात से क्षुब्ध होकर जगवीर ने शनिवार की रात आत्महत्या कर ली। बेटे गोपाल ने पिता को फंदे पर लटका देखा और चीख पड़ा। स्वजन ने उसे अलीगढ़ के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।

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