अलीगढ़ में पुलिस को चकमा देकर सड़क पर बैठे नमाजी, ईद पर ध्वस्त हुईं व्यवस्थाएं; प्रशासन का दावा फेल
अलीगढ़ में ईद पर प्रशासन के रोकने के बावजूद शाहजमाल ईदगाह के सामने सड़क पर नमाज़ पढ़ी गई। जिला प्रशासन ...और पढ़ें

अलीगढ़ में सड़क पर बैठे नमाजी।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। सड़क पर नमाज न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने दो दिन पहले ही ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। सभी ने सुनिश्चित किया कि सड़क पर नमाज नहीं होगी। ईद पर शनिवार को उसी उम्मीद के साथ पुलिस तैनात की गई।
इसके बाद भी बड़ी संख्या में नमाजी शाहजमाल ईदगाह के सामने ही सड़क पर ही नमाज पढ़ने बैठ गए। पुलिस ने रोकने का प्रयास भी किया। जिला प्रशासन ने सड़क पर नमाज न होने का दावा किया है। कहा, है कुछ लोग नमाज पढ़ने बैठ गए थे जिन्हें बाद में शहर मुफ्ती के अनुरोध पर हटा दिया गया।
सड़क पर नमाज न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने कई दिनों से तैयारी में लगा हुआ था। गुरुवार को ईदगाह में हुई बैठक के बाद ईदगाह में नमाज का समय भी तय किया गया। पहली नमाज सुबह सात बजे से और दूसरी नमाज सुबह आठ बजे से होना तय किया। शनिवार को ईद की नमाज पढ़ने के लिए सुबह छह बजे से ही नमाजी आना शुरु हो गए थे।
साढ़े छह बजे तक ईदगाह परिसर लगभग भर चुका था। सात बजे तक दोनों गेट तक नमाज बैठ चुकी थी। ईदगाह में प्रवेश पाने से रह गए नमाजी इधर-उधर नमाजी जगह तलाशने लगे। गेट नंबर दो की ओर नमाजियों ने जानमाज़ (नमाज़ का आसन) बिछना शुरू कर दिए।
देहली गेट एसओ ने कई को इसके लिए रोका, लेकिन भीड़ अधिक हेाने के चलते अकेले इसमें सफल नहीं हुए। एएसपी मयंक पाठक को पता चला तो वो भी काफी देर तक अकेले जूझते नजर आए, लेकिन नमाजी बैठते चले गए। उस समय सात बजे चुके थे। नमाज भी शुरु हो गई थी। इससे अन्य अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
नमाजियों को के इरादे को भांपने में नाकाम रहा प्रशासन
अधिकारियों को अच्छे से पता था कि ईद-उल-फिर पर शहर भर के लोग नमाज पढ़ने ईदगाह आते हैं। इससे खूब भीड़ रहती है, इसी को देखते हुए नमाज को शिफ्टों में भी बांटा गया। लेकिन प्रशासन नमाजियों के इरादे भांपने में नाकाम रहा। पिछले साल प्रशासन ने ईदगाह के सामने पुलिस वाहनों को खड़ा करने के साथ पानी का छिड़काव तक करा दिया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। न ही पुलिस वाहनों को खड़ा किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र मौके पर आरएएफ, पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। पूर्व में ही सड़क पर नमाज न पढ़ने की अपील जारी कर दी गई थी। भीड़ अधिक होने पर कुछ लोग सड़क पर बैठ गए थे, जिन्हें समझाकर हटा दिया गया। नमाज पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
किंशुक श्रीवास्तव, एडीएम सिटी
