अलीगढ़, जेएनएन। कोरोना की दूसरी लहर ने अप्रैल व मई में खूब हाहाकार मचाया। अस्पतालों में बेड, आक्सीजन व वेंटीलेटर के लिए मारामारी मची, लेकिन अब वायरस की रफ्तार कमजोर पड़ रही है। संक्रमित मरीजों की संख्या ही नहीं, इसकी कोरना की घातकता भी कम हुई है। इससे जनपद में 91 सक्रिय मरीज रह गए हैं। इनमें से मात्र 24 मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है। कोई मरीज वेंटीलेटर पर नहीं हैं। केवल दीनदयाल अस्पताल में भर्ती 19 मरीजों को आक्सीजन दी जा रही है, वह भी ज्यादातर को लो फ्लो में ही। मृत्यु दर घटकर अब 0.50 फीसद से भी कम रह गई है। इसके बावजूद खतरा टला नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना खत्म हो गया, यह मानकर बेफिक्र न हों। ऐसी गलती एक बार हो चुकी है, दोबारा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इस बार खतरा बड़ों से ज्यादा बच्चों को है। आइए, जिले के हालात पर नजर डालें...

सक्रिय मरीजों की संख्या

दिनांक मरीज

12 जून, 9

05 जून, 202

01 जून, 314

30 मई, 363

26 मई, 787

24 मई, 898

22 मई, 1061

20 मई, 1741

16 मई, 2385

इन कोविड अस्पतालों में नहीं मरीज

जिला अस्पताल, 100 बेड अतरौली, सीएचसी छर्रा, सीएचसी खैर, मंगलायतन, सीएचसी चंडौस, वरुण हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, एसजेडी हास्पिटल, वकार हास्पिटल, जेडी हास्पिटल, केके हास्पिटल, मिथराज हास्पिटल, शेखर सर्राफ मेमोरियल हास्पिटल

सैंपलिंग की स्थिति

कुल सैंपल हुए- 9.81 लाख

आरटीपीसीआर- 4.31 लाख

एंटीजन किट- 5.47 लाख

ट्रू नाट-2831

सीबी नाट-38

मरीजों की स्थित

वेंटीलेटर पर-शून्य

आक्सीजन पर-19

स्वस्थ दर-99 फीसद

मृत्यु दर-0.50

संक्रमण दर-2.16

नंबर गेम

- 16 कोविड केयर सेंटर जिले में

- 13 सेंटरों में कोई मरीज भर्ती नहीं

- 02 मरीज ही मेडिकल कालेज में भर्ती

- 01 मरीज जीवन ज्योति हास्पिटल में भर्ती

- 21 मरीज दीनदयाल अस्पताल में भर्ती

-91 सक्रिय मरीज जिले में

- 24 मरीज ही अस्पतालों में भर्ती

- 45 मरीज होम आइसोलेशन में भर्ती

- 106 मरीजों की अब तक केवल कोरोना से मृत्यु हुई

- 21 हजार 220 मरीज अब तक संक्रमित मिले

- 21 हजार 23 मरीज अब तक डिस्चार्ज

- 39 कंटेनमेंट जोन हैं जिले में

ये बरतें सावधानी

- घर से निकले तो मास्क जरूर लगाएं।

- भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें।

- यदि भीड़भाड़ वाली जगह पर जाएं तो मास्क व शारीरिक दूरी का ख्याल जरूर रखें।

- घर से बाहर हाथों को बार-बार सैनिटाइज करते रहें।

- बाहर जाएं तो अनावश्यक चीजों को छूने से बचें।

- बाहर से घर लौटें तो सबसे पहले साबुन से हाथ धोएं।

पहली लहर के बाद लोगों ने लापरवाही बरती, जिसके चलते दूसरी लहर ने काफी नुकसान पहुंचाया। अब यह मानकर लापरवाह नहीं होना है कि मरीज कम निकल रहे हैं, क्योकि यह अन्य उपायों के साथ सावधानी बरतने से ही हुआ है। इसलिए जब तक एक भी संक्रमित मरीज है, खतरा बरकरार है।

- डा. बीपीएस कल्याणी, सीएमओ