अलीगढ़ (जेएनएन)। होली का पर्व निकट आते ही बाजार में मिलावटी वस्तुओं की बिक्री शुरू हो गई है। उपभोक्ता चिंतित हैं कि कैसे शुद्ध वस्तुएं मिलें और मिलावट को कैसे रोकें? जागरण के विशेष 'प्रश्न-पहर ' कार्यक्रम में एफएसडीए के अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार मिश्रा ने इसी से संबंधित सवालों के जवाब दिए। पेश हैं कुछ चुनिंदा सवाल...

महावीर गंज से लेकर छिपैटी तक मिलावटी तेल, घी, मसाले, दाल व चावल आदि की खूब बिक्री हो रही है, वहां छापेमारी क्यों नहीं हो रही। - मनोज, मणिक चौक।
- शहर व देहात के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही इन बाजारों में भी छापेमारी कर नमूने लिए जाएंगे।

खाद्य वस्तुओं में मिलावट व बिक्री खूब हो रही है। क्या लिखित में शिकायत के बाद ही कार्रवाई होती है। - अशोक कुमार, रसूलगढ़।
- मिलावट की सूचना कलक्ट्रेट में कक्षा संख्या 28 में दी जा सकती है। शिकायतकर्ता का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा। सूचना सही होनी चाहिए, अन्यथा कार्रवाई होगी।

बाजारों व गली-गली ठेली पर 30-35 रुपये प्रति किलोग्र्राम के हिसाब से रंगीन कचरी बिक रही हैं। एफडीए क्या कर रहा है? - शुभम पुंढीर, महेंद्र नगर।
- सप्ताह भर में निर्माण इकाईयों व दुकानों पर छापेमारी कर काफी मात्रा में रंगीन कचरी जब्त की गई है। कार्रवाई जारी है।

क्या ग्र्राहक भी किसी वस्तु की शुद्धता पर शक होने पर नमूने लेकर जांच करा सकता है। - लोकेश कुमार, सासनी गेट।
- हां, किसी व्यक्ति या उपभोक्ता संघ को अधिनियम-14 के अन्तर्गत स्वयं नमूना लेकर जांच कराने का अधिकार है। इसके लिए खरीदी गई वस्तु की रसीद लेकर दुकानदार को जांच के लिए नमूने लेने का नोटिस देगा। दुकानदार के रिसीव करने पर उसके सामने ही वस्तु को दो हिस्से में बांटकर सीज करेगा। एक हिस्सा निर्धारित 1000 रुपये शुल्क के साथ खाद्य विश्लेषक (लखनऊ) को भेजेगा, दूसरा स्थानीय एफडीए कार्यालय में देगा। नमूने फेल होने की रिपोर्ट पर ग्र्राहक को शुल्क वापस कर दी जाती है और विभाग दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू करता है।

 इन्होंने पूछे सवाल
पिलखना से मो. सुहेल, अलीगढ़ से रानी देवी, अतरौली से राकेश, क्वार्सी से धीरज सिंह, सारसौल से प्रदीप, अकराबाद से श्यौराज सिंह, चंडौस से मनोज कुमार, छर्रा से मो. हमीद आदि।

यहां करें शिकायत
मिलावट से संबंधित गोपनीय शिकायत अभिहित अधिकारी के मोबाइल नंबर 9412863011, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नंबर 9412828896 एवं संबंधित तहसील के खाद्य सुरक्षा अधिकारी से भी की जा सकती है।

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