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अलीगढ़ में बैंक हड़ताल से ठप हुई बैंकिंग सेवाएं, यूएफबीयू नेताओं का प्रदर्शन जारी

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Fri, 11 Sep 2026 12:28 PM (IST)

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर अलीगढ़ में बैंकों की हड़ताल शुरू हो गई है, जिससे जिले ...और पढ़ें

अलीगढ़ में शुक्रवार को बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते शटर पर लिखी सूचना पढ़ता ग्राहक।

अलीगढ़ में शुक्रवार को बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते शटर पर लिखी सूचना पढ़ता ग्राहक।

HighLights

  1. अलीगढ़ में बैंकों की हड़ताल से कामकाज पूरी तरह ठप।

  2. 5-दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने की प्रमुख मांग।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान शुक्रवार से बैंकों की हड़ताल शुरू हो गई है। इसके चलते सभी कामकाज प्रभावित हैं। अर्थ व्यवस्था ठहर गई है। उपभोक्ता शाखाओं से वापस जा रहे हैं। शाखाओं के शटर डाउन हैं।

विभिन्न संगठनों से जुड़े अधिकारी व कर्मी घंटा घर स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर धरना दे रहे हैं। यहीं से किसी भी बैंक की कोई शाखा न खुले यूनियन के नेता निगरानी कर रहे हैं। करीब 1400 बैंक अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यूनियन नेता गरज रहे हैं। मांगों के न मानने पर सरकार को जमकर कोस रहे हैं।‌

175 शाखाओं पर ताला

सुबह से जिले की 20 बैंकों करीब 175 शाखाओं पर ताला पड़ा रहा। सुरेन्द्र नगर निवासी राहुल शर्मा का विष्णुपुरी स्थित स्टेट बैंक की शाखा में बचत खाता था। वे पैसा निकालने आए थे। शाखा का शटर डाउन देखकर वापस चलें ग‌ए। साकेत कालोनी निवासी को लोन संबंधित का था वे वापस चले गए

कंपनी बाग स्थित केनरा बैंक की शाखा से हार्डवेयर कारोबारी विपिन गुप्ता वापिस हुए। गोविंद नगर की आरती देवी के पति का पीएनबी की धनीपुर शाखा में बचत खाता है। वे अपनी बेटी के साथ पैसा निकालने आई। शाखा बंद होने के चलते वापस चली गई।

1400 बैंककर्मी हड़ताल पर

अलीगढ़ में सभी बैंकों के लगभग 1,400 अधिकारी एवं कर्मचारी एकजुट होकर हड़ताल में शामिल होंगे। यूएफबीयू के जिला संयोजक प्रदीप चौहान ने बताया कि यह हड़ताल केवल एक दिन काम से विरत रहने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की एकता, अधिकार और सम्मान की निर्णायक आवाज है

उन्होंने कहा कि 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना अब समय की मांग है। कर्मचारियों से लगातार बेहतर परिणाम की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उनकी जायज मांगों को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। 5 डे वीक कर्मचारियों के साथ-साथ ग्राहकों और आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था के हित में भी आवश्यक है।

प्रदीप चौहान ने कहा कि एकतरफा पीएलआइ व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों का समाधान द्विपक्षीय वार्ता और आपसी सहमति के माध्यम से ही होना चाहिए। बैंक कर्मचारी किसी भी ऐसी व्यवस्था का विरोध करेंगे जो उनकी सेवा शर्तों एवं सामूहिक सौदेबाजी की भावना को कमजोर करती हो।

उन्होंने कहा कि इस देश व्यापी हड़ताल का जिले में असर है। प्रदर्शन जारी है। हर कोने तक बैंक कर्मचारी अपनी एकजुटता की ताकत के साथ डेटे हुए हैं।

उन्होंने सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि अब समय चुप रहने का नहीं, अपनी एकजुटता दिखाने का है। सभी साथी पूर्ण अनुशासन, एकता और जोश के साथ इसी तरह हड़ताल को सफलता के लिए एकजुटता का परिचय दें।