हाथरस, संवाद सहयोगी। जनपद में डीएपी खाद एवं उर्वरकों की काला बाजारी पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी रमेश रंजन के कुशल मार्गदर्शन में संबंधित विभागीय अधिकारियों ने उर्वरक की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया।

औचक निरीक्षण में मिली खामियां

सोमवार को सुबह से लेकर देर शाम तक जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह द्वारा साधन सहकारी समिति, कोटा एवं कोटा क्षेत्र में निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर उर्वरक का भौतिक सत्यापन किया गया। उर्वरक प्रतिष्ठानों से उर्वरक के तीन नमूने गृहित किये गये, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जायेगा।

आज तक 26762 मीट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक की आपूूर्ति हो चुकी है तथा आज तक 24258 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जनपद में 2504 मीट्रिक टन फास्फेटिक खाद की उपलब्धता है। जनपद में 18922 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक की आपूूर्ति हो चुकी है तथा आज तक 13857 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जनपद में 5065 मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता है। इफको यूरिया 2650 मीट्रिक टन की रैक एक दिसंबर को हाथरस किला रैक प्वाइंट पर आयेगी जिसे सहकारी समितियों पर आपूर्ति किया जायेगा। निजी क्षेत्र में 2650 मीट्रिक टन चांद छाप एवं यारा यूरिया सात दिसंबर तक आपूर्ति होगी। इस प्रकार जनपद को 5300 मीट्रिक टन यूरिया शीघ्र ही प्राप्त हो जायेगी। जनपद के सभी राजकीय कृषि बीज भण्डारों पर गेंहू का कुल 2419.00 क्विंटल बीज की आपूर्ति हो गयी है। गेंहू की प्रजाति एचडी 2967, डब्लूएच 1124, एचडी 3086, पीबीडब्लू 723उन्नत 343, पीबीडब्लू 550 उपलब्ध हैं। गेंहू बीज की बिक्री दर 3915.00 रूपये प्रति क्विंटल है, गेंहू बीज पर अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान देय है। अनुदान डीबीटी द्वारा कृषकों के खातों में भेजा जायेगा। किसानों से अनुरोध है कि राजकीय कृषि बीज भंडारों से गेंहू का बीज प्राप्त करें।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2021-22 में किसान भाई अपनी फसलों का बीमा 31 दिसंबर तक करा सकते हैं। गेंहू फसल के लिए रू.1115, जौ फसल के लिए रू.765, सरसों के लिए रू.1014, आलू के लिये रू. 7500 प्रति हेक्टेयर प्रीमियम की धनराशि सम्बन्धित बैंक द्वारा कटौती की जायेगी।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena