UP MLC Election: इस बार रोचक होगा आगरा सीट का मुकाबला, भाजपा-सपा को चुनौती देंगे निर्दलीय प्रत्याशी अमरीश पाल सिंह
आगरा खंड स्नातक विधान परिषद सीट के चुनाव में भाजपा, सपा और निर्दलीय प्रत्याशी आमने-सामने हैं, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है।

आगरा सीट के निर्दलीय प्रत्याशी अमरीश सिंह, भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र प्रताप सिंह और सपा प्रत्याशी शशांक यादव।
HighLights
भाजपा ने मौजूदा एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह पर फिर जताया भरोसा।
सपा ने एटा के शशांक यादव को बनाया प्रत्याशी।
अवागढ़ रियासत के अमरीश पाल सिंह निर्दलीय मैदान में उतरे।
संतोष शर्मा, अलीगढ़। आगरा खंड स्नातक विधान परिषद सीट के चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही 12 जिलों में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव मैदान में तीन अलग-अलग राजनीतिक आधार वाले चेहरे हैं।
भाजपा ने मौजूदा एमएलसी डाॅ. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी पर फिर भरोसा जताया है। समाजवादी पार्टी ने पिछली बार के प्रत्याशी असीम यादव की जगह एटा के शशांक यादव को उतारा है। वहीं, अवागढ़ रियासत से जुड़े अमरीश पाल सिंह निर्दलीय मैदान में हैं।
भाजपा के सामने 2020 में पहली बार हासिल की गई इस सीट को बरकरार रखने की बड़ी चुनौती है। डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने उस चुनाव में सपा के असीम यादव को 6,095 मतों से हराया था। प्रथम वरीयता के बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में भाजपा को बढ़त मिली थी। इस बार पार्टी का जोर संगठन के साथ स्नातक मतदाताओं से सीधे संपर्क पर है। मानवेंद्र 12 जिलों में संपर्क अभियान बढ़ा रहे हैं। संगठन बूथ स्तर तक तैयारियों में जुट रहा है।
सपा ने शशांक यादव पर लगाया दांव
सपा ने इस बार एटा के शशांक यादव को प्रत्याशी बनाकर चुनावी रणनीति में बदलाव किया है। शशांक जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। उनके पिता अनिल कुमार सिंह यादव और भाई अमित गौरव यादव विधायक रह चुके हैं। पार्टी के सामने नए प्रत्याशी को पूरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थापित करने और संगठन को सक्रिय करने की चुनौती होगी।
निर्दलीय अमरीश पाल ने जोड़ा तीसरा कोण
अवागढ़ रियासत से जुड़े अमरीश पाल सिंह के निर्दलीय मैदान में आने से चुनाव में तीसरा चेहरा सामने आया है। खासकर एटा और आसपास के क्षेत्रों में उनकी उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं। हालांकि उनके समर्थन का चुनावी मतों में कितना असर होगा, यह मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक सीट, 12 जिले और करीब 1.95 लाख मतदाता
आगरा खंड स्नातक क्षेत्र में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, कासगंज, हाथरस, औरैया और कन्नौज शामिल हैं। करीब 1.90 से 1.95 लाख मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में प्रत्याशियों के सामने व्यापक संपर्क अभियान की चुनौती है। वरीयता क्रम से होने वाला मतदान भी चुनावी प्रक्रिया को सामान्य चुनाव से अलग बनाता है।
29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। छह अक्टूबर तक नामांकन, सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और नौ अक्टूबर तक नाम वापसी होगी। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इसके साथ ही 12 जिलों में चुनावी संपर्क और राजनीतिक गतिविधियों का दौर तेज होने की उम्मीद है।
आजाद समाज पार्टी ने भी ठोकी ताल
आजाद समाज पार्टी ने इस सीट पर कासगंज के दक्ष प्रताप सिंह यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। अब तक पार्टी के पूरे प्रदेश में यही अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए हैं। यह ग्राम प्रधान रहे हैं। यह सपा के बागी व कासगंज के सपा जिलाध्यक्ष के अनुज हैं। यह उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हैं। जब सरकार ने शिक्षामित्रों से शिक्षक के पद पर नियुक्त का अधिकार छीना था, तब यादव ने जंतर-मंतर पर प्रदेश व्यापारी धरना दिया था। इसमें समाजसेवी अन्ना हजार शामिल हुए थे।
