अलीगढ़, जागरण संवाददाता। अब केवल यूपी बोर्ड परीक्षाओं ही नहीं बल्कि माध्यमिक विद्यालयों में रोज होने वाले शिक्षण कार्य पर भी अफसरों की नजर रहेगी। अफसरों की ओर से पहली बार यह व्यवस्था जिलास्तर पर करने की योजना बनाई गई है। जिला मुख्यालय पर बने कंट्रोल रूम के जरिए नियमित पढ़ाई व शिक्षकों की गतिविधियों पर सीधे नजर रखी जाएगी। कालेजों में लगे सीसी टीवी कैमरे व वाइस रिकार्डर इसमें मददगार साबित होंगे।

शिक्षकों की गतिविधि पर रखी जाएगी नजर

डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यालयों में कोरोना काल में फाइबर इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए गए थे। ज्यादातर विद्यालयों में ये व्यवस्था बनाई भी गई। जिले के 35 राजकीय व 94 एडेड कालेजों में से तमाम में सीसी टीवी कैमरों व हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था भी दुरुस्त हो गई है। कुछ वित्तविहीन कालेजों में अभी व्यवस्था होनी बाकी है। ऐसे में जिलास्तर पर योजना बनाई है कि क्यों न इस सत्र में कक्षाओं में होने वाली पढ़ाई को भी निगरानी में रखा जाए, परीक्षाएं खत्म होने के बाद सीसी टीवी कैमरों व वाइस रिकार्डर को आनलाइन रखा जाए और शिक्षकों के समय से पहुंचने व शिक्षण कार्य कराने की गतिविधि पर नजर रखी जाए। इसके लिए जिला मुख्यालय नौरंगीलाल राजकीय इंटर कालेज में बने कंट्रोलरूम से इनको हर शिक्षण दिवस पर आनलाइन रखा जाएगा। इससे विद्यार्थी भी कक्षा में नियमित व अनुशासित रहेंगे और शिक्षक भी समय पर अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कराने पहुंचेंगे। शुरुआती चरण में राजकीय व एडेड कालेजों में ये प्रयोग किया जाएगा।

अब तैयार कराई जाएगी शिक्षकों की डायरी

सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं में से ज्यादातर के पास शिक्षक डायरी मेंटेन नहीं है। विद्यार्थियों को पढ़ाई शिक्षक डायरी के अनुसार ही करानी है। मगर हालात ये हैं कि जब बड़े अधिकारी निरीक्षण पर पहुंचते हैं और शिक्षकों से पूछते हैं कि क्या कर रहे हैं तो शिक्षक जवाब देते हैं कि सोच रहे हैं कि क्या पढ़ाना है? इसलिए अब पहले सभी की शिक्षक डायरी तैयार कराकर चेक की जाएगी।

एडी बेसिक को निरीक्षण में मिली थी खामियां

कुछ दिन पहले एडी बेसिक डा. पूरन सिंह को निरीक्षण में ऐसे ही वाकये से दो-चार होना पड़ा था। इस पर उन्होंने बीएसए को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। अब इस पर सख्ती बरतते हुए हर शिक्षक की शिक्षक डायरी तैयार कराकर उसका निरीक्षण किया जाएगा। शासनस्तर से शिक्षक डायरी में शिक्षक को अगले दिन की शिक्षण संबंधी कार्ययोजना लिखनी होती है। विषय, पाठ आदि जो पढ़ाना है वो पहले से तय रखना होता है। मगर धरातल पर कुछ शिक्षक ही इसको अपनाकर शिक्षण करा रहे हैं। बीएसए सत्येंद्र कुमार ढाका ने बताया कि खंड शिक्षाधिकारी ब्लाकवार शिक्षकों की डायरी का निरीक्षण करेंगे।

Edited By: Anil Kushwaha