सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़ : अवैध कॉलोनी बसाने वाले दबंगों पर एडीए के अधिकारी फेल साबित हो रहे हैं। इस समस्या से निबटने के लिए अब शहर में बसी अवैध कॉलोनियों पर निगरानी के लिए गूगल मैपिंग का सहारा लिया जाएगा। कॉलोनियों के साथ ही अवैध निर्माण पर भी इससे अंकुश लगेगा। इसमें नक्शों का पूरा डाटा ऑनलाइन होगा। लखनऊ व कानपुर जैसे बड़े प्राधिकरणों के बाद अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए)में इसकी शुरुआत होने जा रही है।

अवैध निर्माण की है भरमार : शहर में अवैध निर्माण की भरमार है। पिछले दिनों एडीए के सर्वे में 300 से अधिक अवैध कॉलोनिया सामने आई थीं। प्रमुख बाजार, सड़क एवं मोहल्लों में भी बड़े-बड़े अवैध निर्माण हो रहे हैं। इसमें अफसरों की भी मिलीभगत रहती है। रामघाट रोड, आगरा रोड, मैरिस रोड, मामू भांजा समेत अन्य क्षेत्रों में बड़े-बड़े होटल समेत व्यावसायिक भवन बन रहे हैं, लेकिन अफसर इसमें चुप्पी साधे हुए हैं।

ऐसा रहेगा सिस्टम

पिछले दिनों लखनऊ एवं कानपुर विकास प्राधिकरणों ने गूगल मैपिंग कराया गया। इससे अवैध निर्माण पर अंकुश लगा है। अब एडीए में भी इसकी शुरुआत होने जा रही है। एडीए उपाध्यक्ष भावना श्रीवास्तव की रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के वैज्ञानिकों के साथ बातचीत चल रही है। इसमें अफसरों को शहर के एक वर्ग किमी एरिया पर पहले टू डी और फिर थ्री डी मैपिंग करके प्रजेंटेशन देना होगा। इसके बाद जोन वार गूगल मैपिंग होगी।

रुकेगा अवैध निर्माण

इससे अवैध निर्माण को रोकने में काफी मदद मिलेगी। गूगल मैपिंग के बाद जब कोई प्रवर्तन प्रभारी अपना चार्ज छोड़ेगा तो अपने जोन का अपडेट गूगल मैप पर हस्ताक्षर करके नए प्रवर्तन प्रभारी को सौपेंगे। इससे इसकी जानकारी हो सकेगी कि किसके कार्यकाल में अवैध निर्माण हुआ होगा। अब चार्ज छोड़ते ही यह जानकारी नहीं हो पाती थी कि अवैध निर्माण किस समय हुआ है। कई बार तत्काल और तैनाती वाले दोनों ही अफसर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।

अफसरों पर भी कार्रवाई

अवैध निर्माण की पोल खुलने पर उस क्षेत्र के तत्काल अभियंता एवं अफसरों के खिलाफ एफआइआर, विभागीय समेत अन्य कार्रवाई भी हो सकेगी। वीसी को इसकी रिपोर्ट शासन को भी देनी होगी। इससे स्थानांतरण वाले अभियंता भी कार्रवाई के दायरे में आ सकेंगे।

गूगल मैपिंग से लगेगा अंकुश

अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष भावना श्रीवास्तव का कहना है कि अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए अब प्राधिकरण क्षेत्र में गूगल मैपिंग से अंकुश लगाने की तैयारी है। रूपरेखा तैयार की जा रही है।

Posted By: Jagran