अलीगढ़, जासं: थाना बरला के गांव दतावली में अपने मकान की छत पर सो रहा युवक पेशाब करने जा रहा था। आंगन में ऊपर जाल न होने की वजह से रात के अंधेरे में खुली जगह दिखाई नहीं दी, जिससे वह नीचे गिर गया और मौके पर ही मौत हो गई।

थाना बरला के गांव दतावली के भूरी सिंह मझले किसानों में शुमार हैं। उनके तीन बेटे बड़ा बेटा देवेंद्र पशु डाक्टर है। दूसरा बेटा देवराज गांव में दूध की डेयरी चलाता है। सबसे छोटा 32 वर्षीय सत्येंद्र उर्फ लालू खेतीबाड़ी का काम देखता है। उसकी पत्नी अपने भाई की शादी में छर्रा के गांव हबीपुर गई हुई थी। घर पर वह और उसकी बेटी थी। रविवार की रात्रि वह छत पर सो रहा था। लघु शंका करने के लिए वह नीचे आ रहा था। आंगन की छत पर जाल नहीं था। रात के अंधेरे में खुली जगह उसे दिखाई नहीं दी और पैर फिसलने से वह नीचे आ गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब उसकी बेटी जागकर नीचे आई तो आंगन में पड़े पिता को देखकर उसकी चीख निकल पड़ी। थोड़ी देर में वहां भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर उसकी पत्नी भी मायके से आ गई। युवक की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।

वहीं अतरौली के थाना पालीमुकीमपुर क्षेत्र के गांव नगला बदन के भट्ठा मजदूर वृद्ध की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वृद्ध के शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

अलीगढ़ के महुवा क्षेत्र के गांव भटोरा कुलपहार निवासी 60 वर्षीय अच्छेलाल अपने परिवार सहित पालीमुकीमपुर क्षेत्र स्थित गांव नगला बदन के एक ईट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। रविवार की रात वृद्ध खाना खाकर अपनी झोपड़ी में सो गए। सोमवार को जब वृद्ध झोपड़ी से काफी देर तक बाहर नहीं आए तो स्वजन ने झोपड़ी में जाकर देखा तो वृद्ध मृत अवस्था में थे। सूचना पाकर इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई और घटना की जानकारी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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