अलीगढ़ (सुरजीत पुंढीर)।  अलीगढ़ से कानपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-91 ने इन दिनों लोगों का बैंड बजा रखा है। एटा तक तो बुरी स्थिति है। अधिकांश सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। एक-एक फुट गहरे गड्डे हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसी कारण यहां से गुजरने वाले लोग भी परेशान हैं। अलीगढ़ से कानपुर तक मार्ग की लंबाई 280 किमी है। यह अलीगढ़, हाथरस, एटा, फर्रुखाबाद, कन्नौज होते हुए कानपुर पहुंचता है। दो साल पहले ही इसे फोरलेन बनाने की स्वीकृति हो चुकी है। जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया गया है। इसमें सर्वाधिक जमीन एटा व फर्रुखाबाद जिले में ली जा रही है। अलीगढ़ में 15 गांवों में 1400 किसानों से 31 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ है। सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए 94 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

 

तीन महीने पहले हुए थे टेंडर

केंद्र सरकार ने तीन महीने पहले ही मैनपुरी तक फोरलेन निर्माण के टेंडर जारी किए हैं। इसमें अलीगढ़-हाथरस की सीमा में 46 किमी निर्माण के लिए ब्रज गोपाल कंस्ट्रक्शन को काम दिया है। एटा में 43 किमी निर्माण के लिए पीएनसी को काम मिला है। मैनपुरी में 60 किमी सड़क निर्माण के लिए एपीसीओ को टेंडर मिला है। कुल निर्माण पर 3500 करोड़ खर्च होने हैं।

लापरवाही से नहीं हो पा रहा निर्माण

अफसरों की लापरवाही के चलते टेंडर होने के तीन महीने बाद भी अब तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इसी कारण सड़क की बुरी स्थिति है। अलीगढ़ से बाहर निकलने के बाद पनैठी से ही गड्ढों की शुरुआत हो जाती है। सिकंदराराऊ तक पूरी सड़क ध्वस्त पड़ी है। इसी कारण आए दिन हादसे होते हैं। वाहनों में भी नुकसान होता है। इसके साथ ही ईधन भी ज्यादा लगता है।

दो घंटे में पूरा होता है 40 किमी का सफर

सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि अलीगढ़ से सिकंदराराऊ तक की 40 किमी का सफर दो घंटे में पूरा होता है। अब लोगों ने मार्ग बदलकर भी यात्रा करना शुरू कर दिया है। कासगंज जाने वाली अधिकांश बसें सिकंदराराऊ की बजाय गंगीरी होकर जा रही हैं।

अलीगढ़ में इन गांवों की जमीन

बौनेर, किशनगढ़ी खानगढ़ी, पनैठी, जलूपुर सेहोर, भौनपुर, जसरथपुर, सिसरोई, रोहिना सिंहपुर, खेड़ानारायण सिंह, नानऊ, अकराबाद, टुआमई, कीरतपुर व गोपी।

हाथरस में इन गांवों की जमीन

बिलास, हुसैनपुर, रतनपुर, सराय, महामई, फरीदाबाद, खिदरपुर, उमरावपुर, बबनहार, मुगलगढ़ी, रतिभानपुर, टोलई।

जीटी रोड का बुरा हाल

अकराबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. विपिन कुमार का कहना है कि जीटी रोड पर इन दिनों बुरा हाल है। मरीजों के अस्पताल तक आने में भी काफी दिक्कतें होती हैं। छात्र प्रशांत का कहना है कि गड्डों की वजह से एटा तक का सफर  मुश्किल हो गया है। कई साल पहले ही फोरलेन होने का स्वीकृति हो चुकी है, लेकिन निर्माण नहीं हो रहा है। बिजेंद्र सिंह यादव का कहना है कि रोड की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। अलीगढ़ से अकराबाद तक 23 किमी का समय डेढ़ घंटे में पूरा होता है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पीपी सिंह का कहना है कि यह सही है कि सड़क की हालत काफी जर्जर है। इसी कारण फोरलेन से पहले मेंटीनेंस का काम कराया जा रहा है। जल्द काम शुरू हो जाएगा।

Posted By: Mukesh Chaturvedi