अलीगढ़, जेएनएन ।  पर्यावरण,वन एवं जलवायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रदेश में कुल 19 हजार 395 ईंट भट्ठा हैं। इनमें से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में 9047 ईंट भट्ठा अवैध पाए गए हैं। अलीगढ़ मंडल में 500 भट्ठों का अवैध संचालन हो रहा है। इनमें से 1952 भट्ठों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। 350 को कारण बताओं नोटिस जारी किए हैं। 6880 को नोटिस जारी किए हैं। 668 भट्ठा संचालकों ने खुद भट्ठा बंद किए हैं। 337 ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 23 मुकदमा मुरादाबाद में दर्ज किए गए हैं। अलीगढ़-हाथरस में एक-एक भट्ठा मालिक के खिलाफ प्रदूषण बोर्ड में मुकदमा दर्ज किया गया है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी डीएम, एसएसपी व पुलिस आयुक्त को कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया

ईंट-भट्ठों से पर्यावरण के दूषित होने को लेकर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। इस पर अपर मुख्य सचिव सिंह ने अबतक की गई इस कार्रवाई की जानकारी दी । प्रदेश के सभी डीएम को निर्देशित किया है कि अवैध घोषित किए गए ईंट भट्ठा संचालकों को न तो मिट्टी खनन के निर्देश दिए जाएं, ना ही जिला पंचायत इन्हें लाइसेंस जारी करे। प्रदूषण नियंत्रण विभाग को भी चेताया है कि वह न तो विभागीय अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करे, ना ही बोर्ड में अपराध पंजीकृत करने की पैरोकारी में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरते।

किसी भी प्रकार ढिलाई बर्दाश्‍त नहीं

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने कहा कि विभाग का यह आदेश उन्हें मिल गया है। इस पर अमल किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं दी जाएगी। नोटिस जारी करने वालों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। अलीगढ़ व हाथरस में एक एक ईंट भट्ठा संचालक के खिलाफ बोर्ड में मुकदमा पंजीकृत हो गया है।

Edited By: Anil Kushwaha