जासं, अलीगढ़ : एटा के कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या में पुलिस ने 50 हजार के इनामी उत्कर्ष को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे फा‌र्च्यूनर कार बरामद हुई है, जिसे लेकर आरोपित भागे थे। उत्कर्ष ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसे हत्या की योजना की जानकारी थी। रैकी में भी उत्कर्ष शामिल था। मुख्य आरोपित साहिल व अंकुश हैं। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम है, जिनकी तलाश में पुलिस लगी है।

27 दिसंबर को हुई एटा के अलीगंज निवासी कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या में पुलिस ने साईं विहार कालोनी निवासी ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल को जेल भेजकर मामले का पर्दाफाश किया था। इस मामले में अब तक तीन नाबालिगों सहित सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें मुख्य आरोपित अंकुश के पिता राजीव, आरोपित साहिल का दोस्त मनीष व साहिल के भाई अनुराग के अलावा 50 हजार का इनामी दुष्यंत शामिल है। सीओ श्वेताभ पांडेय ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने 50 हजार के इनामी रामस्नेही नगर निवासी उत्कर्ष को खैर रोड से गिरफ्तार किया है। इसके पास से फा‌र्च्यूनर कार (यूपी 81 एबी 0787) बरामद की गई है। वसंत विहार कालोनी निवासी साहिल व सारसौल स्थित साईं विहार कालोनी निवासी अंकुश अग्रवाल फरार हैं। साहिल ने बलेनो कार में

बैठकर की शूटरों से बात

उत्कर्ष पूछताछ में बताया कि वह, साहिल व दुष्यंत पुराने दोस्त हैं। अंकुश और साहिल ने ही मिलकर संदीप की हत्या की योजना बनाई थी। इन्हीं दोनों ने आदमी जुटाए थे। घटना वाले दिन दुष्यंत के गैराज से निकलकर तीनों लोग तालानगरी के पास गए और वहां पहले से खड़े तीनों लड़कों (नाबालिग) को संदीप की गाड़ी का नंबर दिया और पीछा कर सूचना देने के लिए कहा। इसके बाद वापस गैराज पर आ गए। थोड़ी देर में फोन आने पर तीनों फिर से जेल पुल पर पहुंचे। वहां पहले से शूटरों की नीले रंग की बलेनो कार खड़ी थी। साहिल बलेनो में जाकर बैठ गया और थोड़ी देर बात करने के बाद वापस आ गया। इसके बाद शूटर क्रेटा कार के पीछे अपनी गाड़ी लेकर कावेरी अपार्टमेंट तक आए। जब संदीप अपनी गाड़ी में बैठकर निकले तो बलेनो कार पीछे लग गई और रामघाट रोड पर हत्या कर दी गई। घटना के समय बलेनो कार के आगे चल रही क्रेटा में अंकुश और साहिल के साथ दुष्यंत भी था। घटना होने के बाद तीनों दुष्यंत के गैराज पर पहुंचे। वहां से साहिल और अंकुश फा‌र्च्यूनर कार लेकर अलग निकल गए। उत्कर्ष स्कार्पियो लेकर अलग निकल गया था। तीनों दिल्ली में मिले और वहां से स्कार्पियो लेकर फरार हो गए। उत्तराखंड व हरियाणा

में रुका था उत्कर्ष

घटना के बाद सभी लोग अलग-अलग जगहों पर फरार हो गए थे। उत्कर्ष ने बताया है कि वह स्कार्पियो लेकर हरियाणा पहुंचा। वहां से उत्तराखंड के ऋषिकेश चला गया। यहां से अलग-अलग होटलों में रुका। हिमाचल प्रदेश भी गया। कुछ दिन जयपुर की तरफ भी रहा। कुछ दिनों पहले ही सभी लखनऊ में मिले थे। यहां से फिर अलग हो गए। शूटरों की भी मिली जानकारी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या करने वाले शूटरों के बारे में ठोस जानकारी मिली है। इनके नाम भी मिल गए हैं। पुलिस इनकी शिनाख्त कराने में लगी है। इनकी तलाश में टीमें फिर से दूसरे जिलों में भेजी गई हैं। पूरी कार्रवाई गोपनीय है। शादी नहीं करना चाहता था उत्कर्ष, इसलिए साहिल के पास आया

उत्कर्ष के स्वजन उसकी शादी कराना चाहते थे। इसके लिए 12 दिसंबर को रिश्ता भी आया था। उत्कर्ष शादी नहीं करना चाहता था। इसलिए घर छोड़कर साहिल के पास आ गया। साहिल के पास रहने के दौरान इस हत्या की योजना बनाई गई। घटना वाले दिन उत्कर्ष को प्लाट दिखाने के बहाने साहिल अपने साथ ले गया था।

Edited By: Jagran