अलीगढ़, जेएनएन ।  इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण 26 मई को पड़ेगा। हालांकि यह उपछाया चंद्रग्रहण होगा। इसलिए सूतक काल नहीं होगा। मंदिरों के कपाट आदि भी बंद नहीं होंगे। आप सामान्य तरीके से कामकाज कर सकते हैं।

दोपहर में करीब सवा तीन बजे से शुरू होगा आंशिक ग्रहण

स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया कि 26 मई को वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में चंद्रमा पर आंशिक ग्रहण दोपहर में करीब सवा तीन बजे शुरू होगा। शाम के समय 7.19 बजे जारी रहेगा। चंद्र ग्रहण के शुरू होने से पहले चंद्रमा धरती की उपछाया में प्रवेश करता है, जब चंद्रमा पृथ्वी की वास्तविक छाया में प्रवेश किए बिना ही बाहर निकल आता है तो उसे उपछाया ग्रहण कहते हैं। जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश करता है तब पूर्ण चंद्रग्रहण लगता है। उपछाया चंद्रग्रहण में कोई सूतक काल नहीं होता है।

किसी भी धार्मिक कार्य पर पाबंदी नहीं

स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया उपछाया ग्रहण में किसी भी तरह के धार्मिक कार्य पर पाबंदी नहीं होती है। किसी भी तरह के शुभ कार्यों पर रोक नहीं रहेगी, परंतु फिर भी ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए अपनी सावधानी बरतनी जरूरी है। भोजन के ऊपर कुशा एवं तुलसी पत्ती रखनी चाहिए, गर्भवती महिलाओं को धारदार वस्तु जैसे चाकू आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए, पशुओं पर गेरू लगाकर सूतक के प्रभाव से बचा जा सकता है। यह चंद्रग्रहण प्रशांत महासागर, पूर्वी एशिया, उत्तरी व दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों में देखा जाएगा। साथ ही आस्ट्रेलिया, जापान, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया आदि देशों में भी दिखेगा।

Edited By: Anil Kushwaha