18 करोड़ से बनेंगे 225 अन्नपूर्णा भवन, अलीगढ़ में राशन वितरण होगा और मजबूत
प्रत्येक भवन 8.40 लाख रुपये की लागत से बनेगा, जिसमें जनसेवा केंद्र और प्रतीक्षा हॉल भी होगा। यह पहल राशन वितरण को स्थायी, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगी।

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने व राशन वितरण व्यवस्था को स्थायी ढांचा देने की दिशा में जिले में बड़ा कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शासन ने जिले में 225 अन्नपूर्णा भवन (उचित दर राशन दुकान) निर्माण को स्वीकृति दे दी है।
इन भवनों के निर्माण पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक दुकान के निर्माण पर 8.40 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को सौंपी गई है, जबकि बजट आपूर्ति विभाग की ओर से जारी किया गया है।
एक दुकान पर 8.40 लाख खर्च, आरईडी को निर्माण की जिम्मेदारी
जिले में वर्तमान में 1300 से अधिक राशन दुकानें संचालित हैं। इनसे साढ़े छह लाख से ज्यादा कार्डधारक जुड़े हैं। इन लाभार्थियों को प्रति माह मुफ्त खाद्यान्न (गेहूं-चावल) वितरित किया जाता है। अभी तक अधिकांश दुकानें किराए के भवनों या निजी गोदामों में संचालित हो रही हैं। इससे भंडारण, पारदर्शिता व सुविधाओं को लेकर समस्याएं बनी रहती हैं। शासन की मंशा है कि राशन वितरण व्यवस्था को स्थायी, पारदर्शी व सुविधाजनक बनाया जाए। इसी उद्देश्य से अन्नपूर्णा भवन योजना लागू की गई है।
अगले वित्तीय वर्ष तक जिले में 500 से अधिक भवनों का लक्ष्य
इससे पहले वित्तीय वर्ष 2023-24 व 2024-25 में प्रत्येक जिले को माडल के रूप में 75-75 अन्नपूर्णा भवन बनाने का लक्ष्य दिया गया था। जिले में भी चरणबद्ध निर्माण हुआ और पिछले वित्तीय वर्ष तक करीब डेढ़ सौ भवन बनकर तैयार हो चुके थे। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 125 और भवनों का निर्माण आरईडी द्वारा कराया जा रहा है। अब 225 नए भवनों की स्वीकृति मिलने के बाद अगले वर्ष तक जिले में 500 से अधिक अन्नपूर्णा भवन संचालित होने लगेंगे।
इस तरह होगा निर्माण
प्रत्येक अन्नपूर्णा भवन लगभग 484 वर्गफीट क्षेत्रफल में निर्मित किया जाता है। इसमें उचित दर दुकान के लिए बड़ा कक्ष, जनसुविधा व जन सेवा केंद्र संचालन हेतु अलग कमरा तथा लाभार्थियों के लिए प्रतीक्षा हाल बनाया जाता है। कोटेदार यहां राशन वितरण के साथ जन सेवा केंद्र चलाने के अलावा किराना से जुड़े अन्य आवश्यक सामानों की बिक्री भी कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
शहरी क्षेत्रों में क्लस्टर मॉडल पर भी काम हो रहा है। एक क्लस्टर अन्नपूर्णा भवन में दो से पांच उचित दर दुकानों को एक ही परिसर में संचालित करने की व्यवस्था की जा रही है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने भी शहर में 20 दुकानों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है।
मनरेगा से भी बनेंगी दुकानें
योजना को गति देने के लिए विभिन्न वित्तीय स्रोतों का भी उपयोग किया जा रहा है। मनरेगा, राज्य वित्त आयोग, सांसद निधि, विधायक निधि समेत अन्य मदों से भवन निर्माण कराया जा रहा है। मनरेगा के माध्यम से जिले में 24 अतिरिक्त दुकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक से दो दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है।
