जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : हरदुआगंज तापीय परियोजना की नई 660 मेगावाट यूनिट कोयला से चालू की गई। सिक्रोनाइजेशन प्रक्रिया के तहत यूनिट से 195 मेगावाट का बिजली उत्पादन लिया गया। पिछले माह परियोजना प्रबंधन तेल से यूनिट को चलाकर 130 मेगावाट विद्युत उत्पादन ले चुका है। यूनिट नवंबर के अंतिम सप्ताह में पूरी तरह चालू हो सकती है।

नई यूनिट अपने बायलर से स्टीम ब्लांइग से लेकर सिक्रोनाइजेशन जैसी अहम प्रक्रिया पास कर चुकी है। इस टेस्ट में यूनिट से विद्युत उत्पादन कर ग्रिड से जोड़ा जाता है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को शुरू करने से पहले लखनऊ से टेक्टनीशियन डायरेक्टर से लेकर आला अधिकारी तक परियोजना में डेरा डाले रहे थे।

इस यूनिट का अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में उद्घाटन होना था। मगर, अभी तक परियोजना प्रबंधन नए रेलवे ट्रैक में उलझा हुआ है। नया ट्रैक पूरी क्षमता से कोयले से भरे डिब्बे ले जाने में सक्षम नहीं है। इससे पहले प्रबंधन ने नए ट्रैक पर तेल से भरे डिब्बे उतार दिए थे, लेकिन मानक के अनुरूप ट्रैक तैयार न होने के कारण डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिसके लिए रेलवे ने 60 हजार का जुर्माना किया था। चर्चा यह भी है परियोजना प्रबंधन ने रेलवे की एनओसी के बगैर ही डिब्बे पटरी पर उतार दिए थे। सूत्रों की मानें तो अभी तक प्रबंधन रेलवे से एनओसी तक नहीं ले पाया है। जिस तरह प्रबंधन ने रेलवे ट्रैक तैयार करवाया है, उस पर रेलवे एनओसी देने को तैयार नहीं है। रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक के पास हुए अवैध अतिक्रमण पर सवाल खड़े किए थे, मगर अभी तक ट्रैक को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जा सका है। मौसम में बदलाव के चलते प्रदेश में बिजली की मांग कम होने से परियोजना की आठ नंबर एवं नौ नंबर यूनिट को थर्मल बैकिग पर बंद करवा दिया गया है। सात नंबर यूनिट तकनीकी कमी के चलते बंद है।

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