जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : कोतवाली क्षेत्र के बाबरी मंडी सैयदबाड़ा क्षेत्र में 'तीन तलाक' के मुद्दे पर हमलावरों के शिकार हुए मंजीर का परिवार अपनी आस्था के अनुसार हाथ में कलावा पहनता है। इस पर दूसरे पक्ष के लोग उन्हें काफिर कहते हैं।

मंजीर ने बताया कि कलावा में उनकी अपनी आस्था है। दूसरा पक्ष इसे ढोंग बताता है। हम लोगों को काफिर कहा जाता है। आते-जाते समय वे लोग चिढ़ाते हैं। विरोध करने पर हमलावर हो जाते हैं। सैयदबाड़ा में सुन्नी समाज के कुछ लोग दबंग किस्म के हैं, जो उन्हें डराते-धमकाते हैं। हमारा मुहल्ले में रहना दुश्वार हो गया है।

प्रायोजित हमला : हमला प्रायोजित बताया जा रहा है। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। पुलिस ने मौके से कारतूस के कुछ खोखे बरामद किए हैं। नाली में कारतूस का खाली पैकेट भी मिला है। कारतूस निकालकर पैकेट फेंका गया था।

हमलावर चिह्नित : सैयद बाड़ा में एक भवन पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज पुलिस अधिकारियों ने देखे। पीड़ित पक्ष को भी दिखाए गए। मुहल्ले में दाखिल हुए कुछ बाइक सवार लोगों को चिह्नित किया गया है। ये लोग दूसरे इलाके के थे।

..............

एक ही समुदाय के दो पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

राजकुमार सिंह, सीओ प्रथम