यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'अब तेरी बारी' से छाएगा सलिल
जागरण संवाददाता, अलीगढ़: शहर की एक और प्रतिभा मायानगरी मुंबई में चमकने को तैयार है। शहर के युवा कह

जागरण संवाददाता, अलीगढ़:
शहर की एक और प्रतिभा मायानगरी मुंबई में चमकने को तैयार है। शहर के युवा कहानीकार व निर्देशक सलिल सिंह की नारी सशक्तिकरण पर आधारित शार्ट फिल्म 'अब तेरी बारी' जल्द ही यूट्यूब के जरिए लोगों तक पहुंचेगी। यूट्यूब ने इसे एनडीटीवी इमेजिन चैनल पर दिखाने के लिए एग्रीमेंट किया। सलिल ने यह शॉर्ट फिल्म कान फिल्म महोत्सव के लिए भी भेजी है।
नौरंगाबाद निवासी 24 वर्षीय युवा कहानीकार सलिल को बचपन से ही फिल्में व सीरियल देखने का शौक रहा है। पिता प्रेमचंद एलआइसी में हायर ग्रेट असिस्टेंट पद पर कार्यरत हैं। शारदा यूनिवर्सिटी नोएडा से बीटेक किया है। एसएससी की तैयारी कर रहे हैं, मगर लक्ष्य कुछ और ही है। सलिल का कहना है कि पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने लघु कहानियां लिखनी शुरू कर दीं। उन पर कोई फिल्म बनाने को तैयार नहीं हुआ तो खुद ही हाथ आजमाने का फैसला किया। इस क्रम में 'एसिड', 'स्टेशन', 'मरने से पहले की फीलिंग', 'स्मोक फॉर लाइफ' व 'अब तेरी बारी' समेत 16-17 कहानियां लिखीं। पूरी टीम तैयार की। 'एसिड', 'स्टेशन', 'मरने से पहले की फीलिंग', 'स्मोक फॉर लाइफ' व 'अब तेरी बारी' पर खुद ही शॉर्ट फिल्में बनाईं। निर्देशन भी खुद किया। इन फिल्मों को लेकर उन्होंने दिल्ली से लेकर मुंबई तक खाक छानी।
रंग लाई कवायद
सलिल ने बताया कि काफी प्रयास के बाद 'अब तेरी बारी' की रिलीज के लिए पाकेट फिल्म्स से अनुबंध हो गया है। पाकेट फिल्म्स ने फिल्म की रिलीज के लिए यूट्यूब व एनडीटीवी इमेजिन से एग्रीमेंट किया है। पहले यह यूट्यूब पर दिखेगी, फिर एनडीटीवी इमेजिन पर। इस फिल्म में सावधान इंडिया फेम मोनिका चौधरी, आइडिया फेम गोविंद वाजपेई, थियेटर कलाकर सूमि बघेल व खुद सलिल अभिनय करते नजर आएंगे। सलिल ने बताया 13 मिनट की इस फिल्म में दिखाया गया है कि एक लड़की का किस तरह से घर व घर से बाहर तरह-तरह से यौन शोषण होता है। इसे आगामी कान महोत्सव के लिए भी भेजा है।
बनाएंगे बड़े पर्दे की फिल्म
सलिल सिंह का कहना है कि वह बड़े पर्दे के लिए फिल्म बनाने पर विचार कर रहे हैं। फिल्म का नाम सवाल होगा। कहानी तैयार है, कलाकारों का चयन बाकी है। उनकी मंशा बड़े पर्दे के लिए संदेशप्रद फिल्में बनाने की है।
