अलीगढ़ : मां शब्द नहीं, प्यार है, जीवन है, एक प्यार एहसास है। पहली बार मातृत्व सुख पाने की खुशी की तुलना दुनिया की किसी दूसरी खुशी से नहीं की जा सकती। मदर्स-डे की पूर्व संध्या पर महिला जिला चिकित्सालय में 13 बच्चों की किलकारियां गूंजी। सीएमएस गीता प्रधान स्वयं सभी माताओं को बधाई देने के लिए पहुंच गई। उन्होंने सभी से कहा कि बच्चों को सीने से लगाकर रखें, क्योंकि मां बनना दुनिया का सबसे बड़ा वरदान है। आइए, पहली बार मातृत्व सुख प्राप्त करने वाली महिलाओं की खुशी साझा करते हैं..।

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पहली बार मातृत्व सुख की प्राप्ति हुई है। बेटा हुआ है। मैं पहले घबरा रही थी। बच्चे का चेहरा देख सारे दर्द भूल गई। मैं इतनी खुश हूं कि बयां नहीं कर सकती हूं। पूरा परिवार खुश है। सच, एक मां के लिए इससे बड़ी और क्या खुशी हो सकती है?

संजू कुमारी, मंडनपुर मुझे बिटिया हुई है। पूरा परिवार खुश है। सभी कह रहे हैं कि पहली बेटी लक्ष्मी होती है। मुझे भी बहुत खुशी हो रही है। मुझे लगता है कि आज के जमाने में बेटी-बेटों का अंतर खत्म होना चाहिए। आज बेटियां भी सभी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

अनुराधा, इंद्रा नगर मुझे शनिवार सुबह 10 बजे बेटी हुई। सबसे अच्छा तब लगा जब मेरी सासु मां ने मुझे बधाई दी। मुझे लग रहा था कि कहीं परिवार के लोग नाराज न हों। सच, मैं बेहद खुश हूं। दो साल बाद पहली बेटी हुई है। मां बनने के बाद मैं सारे कष्ट भूल बैठी।

परवीन बेगम, मामूदनगर मुझे बेटा हुआ है। परिवार व रिश्तेदारों का बधाई देने का तांता लगा हुआ है। मुझे आज एहसास हो रहा है कि मां बनने के बाद जिम्मेदारियां कितनी बढ़ जाती हैं। बेटे के चेहरे को देखकर मुझे इतनी खुशी हो रही है कि मैं बयां नहीं कर सकती।

रोशनी, घासीपुर

Posted By: Jagran

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