यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सादगी ने सुझाया सफलता का रास्ता
अलीगढ़ : मशहूर साहित्यकार डॉ. लारी आजाद की सादगी ने बच्चों को ऐसी सीख दी कि वे खुद तरक्की करते जा रह

अलीगढ़ : मशहूर साहित्यकार डॉ. लारी आजाद की सादगी ने बच्चों को ऐसी सीख दी कि वे खुद तरक्की करते जा रहे हैं। छोटे बेटे नूर अकरम लारी ने एएमयू की 11वीं की प्रवेश परीक्षा (साइंस) में पांचवीं रैंक पाई है।
ओएलएफ में पढ़े नूर अकरम को 10वीं में 10सीजीपीए मिले थे। वे कैलीफोर्निया के कुसुम मेहता अवार्ड पा चुके हैं। अकरम डॉक्टर बनना चाहते हैं। 14 भाषाओं के जानकार उनके अब्बू खुर्जा के एनआरईसी कॉलेज में इतिहास विभाग के अध्यक्ष हैं। विश्व भोजपुरी सम्मेलन मॉरिशस के महासचिव भी हैं। कई कॉलेजों में उनकी किताबें पढ़ाई जा रही हैं। मूलत: लार (देवरिया) निवासी डॉ. लारी पत्नी डॉ. रोशन आरा व बच्चों के साथ दोदपुर के समी अपार्टमेंट में रहते हैं। पिछले साल बड़े बेटे नूर अहमद ने मेडिकल की सात प्रवेश परीक्षाएं पास की थीं। वे जेएन मेडिकल से पढ़ रहे हैं। बहन साफिया एएमयू में 11वीं (कला संकाय) में टॉपर रही हैं।
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