आगरा, जागरण संवाददाता। न कार्रवाई का डर और न ही नियमों की परवाह। सुविधा शुल्क मिला तो काम हुआ और न मिला तो सप्ताह बीत जाएंगे। नगर निगम हो या एडीए, जल संस्थान हो या फिर तहसील सदर, कार्यालयों के चक्कर लगाते रहिए। ये हाल है सरकारी विभागों में सिटीजन चार्टर का। यह खूंटी पर टंगा हुआ है। मंशा थी कि यह लागू होने के बाद लोगों को सहूलियत मिलेगी। निर्धारित अवधि के भीतर कार्य होंगे।

कागजी कोरम पूरा है जनाब

नगर निगम, एडीए, जल संस्थान और तहसील सदर में कागजी कोरम पूरा है। हर माह बैठकें होती हैं। जो भी शिकायतें आती हैं, आंकड़ों में सभी निस्तारित हो जाती हैं। यह गैर बात है कि शिकायतकर्ता को न्याय नहीं मिल पाता। कागजों में सिटीजन चार्टर के पालन की बात कही जाती है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है।

ये है नियम

निर्धारित समयावधि के बाद प्रमाण पत्र जारी न होने की दशा में आवेदक संबंधित विभाग के अफसर से शिकायत कर सकता है। वहीं एसडीएम या फिर डीएम से भी शिकायत कर सकते हैं।

सुविधा शुल्क का रेट

नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र पर पांच सौ रुपये, तहसील सदर में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र में जांच रिपोर्ट के नाम पर तीन सौ से छह सौ रुपये सुविधा शुल्क लिया जाता है। वहीं एडीए में शुल्क केस के आधार पर तय होता है।

नगर निगम

हर दिन कुल प्राप्त शिकायतें, 250

कूड़ा और सफाई संबंधी, 150

सीवर संबंधी, 100

निस्तारण की स्थिति : 65 फीसद

- फॉगिंग न होने की शिकायत, एक दिन

- मृत पशुओं के उठान की सूचना, उसी दिन

- गाय, भैंस संबंधी शिकायत, उसी दिन

- नाली बंद होने व सफाई न होने पर, एक से चार दिन

- जन्म-मृत्यु संबंधी शिकायत का निस्तारण, तीन दिन

- रोड की मरम्मत, सात दिन

- पुलिया क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत, 15 दिन

- क्षतिग्रस्त नाली की मरम्मत, सात दिन

- निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता, तीन दिन

- लाइट खराब होने की शिकायत, तीन दिन

- दिन में लाइट चालू होने की शिकायत, एक दिन

- छूटे हुए मकानों का कर निर्धारण, तीन दिन

- संपत्ति नामांतरण संबंधी शिकायत, एक माह

- अतिक्रमण की शिकायत, तीन दिन

- झाड़ू न लगाना और कूड़ा उठान न होना, एक दिन

तहसील सदर

हर दिन कुल प्राप्त शिकायतें, 600

निस्तारण की स्थिति, 55 फीसद

- आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र, 20 दिन

- किसान बही, डुप्लीकेट किसान बही, तीस दिन

जल संस्थान

हर दिन कुल प्राप्त शिकायतें, 100

पानी संबंधी, 60

सीवर संबंधी, 40

निस्तारण, 60 फीसद

- पानी की लाइन में लीकेज, एक दिन

- जलापूर्ति न होने की शिकायत, एक दिन

- गंदा पानी आने की शिकायत, एक दिन

- जल भराव की शिकायत, दो दिन

- सीवर ओवर फ्लो होने की शिकायत, तीन दिन

- सीवर ढक्कन खुला होने की शिकायत, दो दिन

- सीवर चोक होना, तीन दिन

एडीए

हर दिन प्राप्त कुल शिकायतें, 250

निस्तारण की स्थिति, 65 फीसद

- औद्योगिक भूखंड से संबंधित कार्य, तीस दिन

- आवासीय भवन, तीन से सात दिन

- ग्रुप हाउसिंग भूखंड, तीन से सात दिन

नहीं हुई इनकी सुनवाई

- तालाब पर कब्जे को लेकर शिकायत की गई थी। छह माह बीतने के बाद भी आजतक निस्तारण नहीं हुआ है।

भीम सिंह, गढ़ी भदौरिया

- शाहगंज क्षेत्र में बेसहारा पशुओं से होने वाले नुकसान की शिकायत की गई थी। एक माह बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ है।

सीमा देवी, शाहगंज

- आवास विकास क्षेत्र में कई पार्क तबेला बन चुके हैं। शिकायत को एक माह हो चुके हैं।

शिवम कुमार, आवास विकास सेक्टर पांच

- आस्था सिटी सेंटर, जीवनी मंडी रोड पर लीकेज की शिकायत को तीन माह हो चुके हैं। लीकेज ठीक नहीं हुआ।

रवि माथुर, पार्षद

- गुरु का ताल रेल ओवर ब्रिज (कैलाशपुरी की तरफ) से नीचे उतरते ही रोड खराब है। शिकायत को बीस दिन हो चुके हैं।

राजेश कुमार, आवास विकास सेक्टर 11

मांगी गई है रिपोर्ट

- सिटीजन चार्टर का पालन जरूरी है। संबंधित अफसरों से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।

अनिल कुमार, मंडलायुक्त  

Posted By: Tanu Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस