जागरण टीम, आगरा। गंगा दशहरा पर चंबल नदी में स्नान को गई महिला व तीन लड़कियां गहरे पानी में डूब गई। दो लड़कियों को तो बचा लिया गया लेकिन महिला व 10 वर्षीय बालिका की मौत हो गई। घटना के बाद विप्रावली घाट पर बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई। गोताखोरों को दो घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।

फीरोजाबाद के टूंडला स्थित नगला सिंघी निवासी रामजसो पत्‍‌नी प्रेमशंकर दो दिन पूर्व अपने मायके विप्रावली में आई थीं। रविवार सुबह 7:30 बजे वे गांव की ही 10 वर्षीय उपासना पुत्र फुंदीलाल, 16 वर्षीय सपना पत्‍‌नी कांता प्रसाद और 17 वर्षीय पूजा पुत्री लायक सिंह के साथ चंबल नदी में स्नान को विप्रावली घाट पर पहुंची। नदी में स्नान के दौरान चारों डूब गई। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचा दिया। आसपास के लोगों ने पूजा और सपना को बाहर निकाल लिया लेकिन रामजसो और उपासना का पता नहीं चला। सूचना पर एसओ प्रदीप कुमार चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने गोताखोरों की मदद ली। दो घंटे की मशक्कत के बाद रामजसो का शव 200 मीटर दूर से बरामद कर लिया गया। इसके आधा घंटे बाद उपासना का भी मिल गया। वहीं हादसे की सूचना पर स्वजन भी घाट पर पहुंच गए। उनमें कोहराम मचा रहा। अब भी न चेते तो परिणाम होंगे जानलेवा

जागरण टीम, आगरा। अब भी न चेते तो परिणाम जानलेवा होंगे। सरकार की गाइड लाइन, प्रशासन के दिशा-निर्देश और पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग लापरवाह हैं। यह चूक जान देकर चुकानी पड़ सकती है। फतेहपुर सीकरी में शनिवार और रविवार को लागू साप्ताहिक बंदी का खूब मखौल उड़ा। मुख्य बाजार समेत अन्य बाजारों में व्यापारी अपनी दुकान का शटर उठाकर सामान की बिक्री कर रहे। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का भी उन पर असर नहीं पड़ा। पुलिस का कहना है कि कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया जा रहा है। साप्ताहिक बंदी के समय दुकानें खुली मिलने पर संबंधित दुकानदार का चालान किया जाएगा।

Edited By: Jagran