आगरा, जागरण संवाददाता। अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि के लिए रविवार को महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखेंगी। इसके लिए बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई है। साड़ी, बुटीक, पार्लर, मेहंदी वाले, ज्वैलरी, चूड़ियों की दुकानों पर महिलाओं की खासी भीड़ दिख रही है। दुकानदार भी कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई त्योहारी श्रंखला में पूरी करना चाहते हैं।

डिजाइनर करवों की सबसे ज्यादा डिमांड

हर साल की तरह इस बार भी डिजाइनर करवे बिकने के लिए आए हैं, जिनकी कीमत 50 रुपए से लेकर 150 रुपए तक है। डिजाइनर करवों के अलावा डिजाइनर थाली की भी काफी मांग है। इस थाली में थाली, करवे, छलनी आदि शामिल होते हैं, जिनकी कीमत 300 से 500 रुपये तक होती है। बाजार में 250 रुपए में सादा करवा, छलनी, माताजी पाना, व्रत पुस्तक और पूजन सामग्री का पैकेट भी मिल रहा है। चीनी के करवों की कीमत 100 रुपये किलो है।

हाथों में सजेगी ज्वैलरी डिजाइन

एेसा माना जाता है कि करवाचौथ की मेहंदी का रंग जितना गहरा होता है, उस महिला को अपने पति और ससुराल से उतना ही ज्यादा प्यार मिलता है। हर साल की तरह इस साल भी अरेबिक, बेल और पारंपरिक मेहंदी डिजाइन के अलावा हैवी डिजाइन भी काफी पसंद किए जाएंगे।हैवी डिजाइन में ज्वैलरी डिजाइन काफी ट्रेंड में है। गोल बूटा डिजाइन हमेशा पसंद किया जाता है। मेहंदी लगाने से पहले मेनीक्योर करा लें। क्रीम लगाकर मेहंदी न लगाएं बल्कि नीलगिरी का तेल लगाएं। मेहंदी दो दिन में गहरी होती है, इसलिए करवाचौथ से दो दिन पहले मेहंदी लगवा लें। लौंग के धुएं, विक्स, चूना आदि लगाकर भी मेहंदी के रंग को गहरा किया जा सकता है।

अगर बीमार हैं तो यूं रखें व्रत

किसी महिला का स्वास्थ्य अत्यंत खराब है, तो उसका पति भावनात्मक रूप से व्रत का संकल्प लेकर निर्जला व्रत रखे। उसके बाद शाम को पूजा के समय पत्नी को साथ बिठाकर पूजा कर सकते हैं। यदि पत्नी बैठने की स्थिति में नहीं है तो पूजा सामग्री से पत्नी का हाथ लगवाने के बाद पूजा करें। बीमार महिला फलाहारी व्रत रखकर भी पूजा कर सकती है। अगर कोई महिला हास्पीटल में भर्ती है तो पानी के छींटों से खुद को शुद्ध करें। शाम को भावनात्नक रूप से चंद्रमा को प्रणाम व अर्घ्य देते हुए व्रत पूरा कर सकती हैं।

सरगी हो हेल्दी

करवाचौथ में कई स्थानों पर सरगी खाने की परंपरा है। सरगी वो खाना है जो सूर्योदय से पहले खाया जाता है। व्रत में एनर्जेटिक कैसे रहें, इसकी जानकारी दे रही हैं डाइटीशियन पायल सिंह

-रगी में सुबह नारियल पानी लें। ककड़ी व खीरा खाएं, इससे प्यास कम लगती है।

-मेवे खाने से पूरा दिन एनर्जी बनी रहती है।

-सरगी में पानी वाले फलों को शामिल करें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

-सरगी में मिठाई को जरूर शामिल करें। चीनी में अमीनो एसिड ट्रीट्टोफन होता है। यह सेरोटोनिन न्यूरोट्रांसमीटर के लेवल को बढ़ाता है, जिससे चक्कर नहीं आते हैं।

-सरगी में ज्यादा से ज्यादा जूस पिएं।

पूजा का शुभ मुहूर्त

चतुर्थी तिथि समाप्त- 25 अक्टूबर को सुबह 5.43 पर

पूजा का मुहूर्त- शाम 6:03 से शाम 7.15 बजे तक

उपवास का समय- सुबह 6:10 बजे से शाम 8:50 बजे तक

चांद निकलने का समय- रात 8:50 बजे

आर्टिफिशियल ज्वैलरी बनी पसंद

सोने के दामों में इजाफा होने की वजह से महिलाओं ने आर्टिफिशियल ज्वैलरी खरीदने पर ही जोर दिया है। महिलाएं इस साल गोल्ड प्लेटेड ज्वैलरी को अधिक तवज्जो दे रही हैं। आर्टीफिशियल ज्वैलरी विक्रेता सुनील कुमार ने बताया कि इसके अलावा चोकर सेट, कुंदन ज्वैलरी की भी मांग है।

पार्लरों में हुई बुकिंग

पार्लरों में इस समय सबसे ज्यादा भीड़ है। पार्लर संचालक भी करवाचौथ पर स्पेशल पैकेज दे रहे हैं। महिलाएं ब्लीच, फेशियल से लेकर मेनीक्योर-पेडीक्योर तक करा रही हैं। जो महिलाएं करवाचौथ पर मेकअप कराती हैं, उन्होंने बुकिंग करा दी है। पार्लर संचालक दौलत परमार ने बताया कि करवाचौथ के लिए एक सप्ताह पहले ही बुकिंग हो गई थी।

रफल साड़ी की सबसे ज्यादा मांग

इस करवाचौथ पर पल्लो कट स्टाइल व बार्डर वाली साडि़यों के अलावा सबसे ज्यादा रफल साड़ी की मांग है। बनारसी साड़ी का ट्रेंड हमेशा बना रहता है। साड़ी विक्रेता विष्णु ने बताया कि सिक्विन साड़ी पसंद करने वाली महिलाओं की संख्या भी काफी है। इनके अलावा रेडीमेड साड़ी भी नई दुल्हनों को काफी पसंद आ रही है।

Edited By: Nirlosh Kumar