आगरा, जेएनएन। पांच दिन पहले मैनपुरी में नहर में बोरे में बंद मिले शव की हत्या की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ही ली। अवैध संबंधों का विरोध करने पर पत्नी ने ही प्रेमी संग मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। हत्या के बाद शव को बोरों में बंद कर नहर में फेंक दिया था। शक होने के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपितों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। 

एलाऊ थाना क्षेत्र के ग्राम रतनपुरबरा निवासी हरिश्चंद्र का शव 29 अप्रैल को सुगांव पुल के पास बोरे में मिला था। मौके पर शव की पहचान नहीं हुई थी। दो दिन बाद सोशल मीडिया के जरिए शव की पहचान हुई। हरिश्चंद्र बीते आठ वर्षों से गंगा नगर राजस्थान में रहकर आटा चक्की एवं स्पेलर कारखाने पर नौकरी करता था। शव मिलने के बाद परिजन भी हत्या के संबंध में कुछ नहीं बोल रहे थे। हरिश्चंद्र के परिवार में पत्नी पुष्पा देवी और तीन लड़के हैं। एसपी अजय शंकर राय ने बताया कि पुष्पा देवी के गांव के ही निवासी राजू उर्फ राजकुमार पुत्र श्रीकृष्ण से अवैध संबंध थे। प्रेमी राजकुमार भी शादीशुदा हैं और उसके चार बच्चे हैं। पुलिस के मुताबिक हरिश्चंद्र के राजस्थान जाने के बाद प्रेमी का महिला के आना जाना हो गया था। हरिश्चंद्र को भी इन संबंधों की जानकारी हो गई थी। एसपी के मुताबिक आरोपित पुष्पा देवी ने पूछताछ में बताया कि पति जब भी राजस्थान से आता था, अवैध संबंधों को लेकर तकरार होती थी और उसे खर्च के लिए पैसे देना भी बंद कर दिया था। बीती 28 अप्रैल की शाम को उसका बड़ा बेटा रामलखन अपनी मौसी के यहां गया था। छोटे बेटे केतन को उसने छत पर सुला दिया और हरिश्चंद्र शाम को शराब पीकर नीचे सोये थे। पुष्पा देवी ने प्रेमी राजकुमार को बुला लिया। इसके बाद योजना बनाकर पुष्पा देवी ने हरिश्चंद्र के पैर पकड़ लिए और राजकुमार ने उसकी रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद लाश को दो बोरों में बंद कर दिया और फिर मोटरसाइकिल पर रखकर नहर में फेंक आए। सुबह परिवार को कहा दिया की हरिश्चंद्र वापस राजस्थान चले गए हैं। एसपी अजय शंकर राय ने बताया कि मामले में मृतक के पुत्र रामलखन की तहरीर पर धारा 302 व 201 में अभियोग पंजीकृत कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। 

लाश ठिकाने लगाने को पड़ौसी से मांगी थी बाइक 

हत्या के बाद प्रेमी राजकुमार ने गांव निवासी मौनू से मोटरसाइकिल मांग कर लाया था। मौनू को जरूरी काम होने का बहाना बनाया था। इसे बाद राजकुमार ने बाइक चलाई और पुष्पादेवी बोरे में बंद शव को लेकर पीछे बैठकर ले गई थी। 

एक साल पहले चौकी में हुई थी पंचायत 

पुलिस के मुताबिक हरिश्चंद्र को एक साल पहले ही अवैध संबंधों की जानकारी हो गई थी। तब मामले में पुलिस चौकी में शिकायत की गई थी और उसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई थी। 

 

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Posted By: Prateek Gupta

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