आगरा, जागरण संवाददाता। शनिवार की तरह रविवार की सुबह भी बारिश की झमाझम के साथ हुई। सुबह साढ़े आठ बजे करीब शुरु हुई बारिश एक घंटा तक जमकर हुई। हालाकि शनिवार की तरह काले बादलों ने आसमान में डेरा नहीं डाला हुआ था। अचानक हुई बारिश ने उमस को दूर कर मौसम को खुशनुमा कर दिया है। हालाकि सुबह के वक्‍त पूरा शहर बारिश से तरबतर नहीं हुआ लेकिन दोपहर में हुई रुक रुक कर हुई दो बार बारिश ने उमस और तापमान से राहत दी। 

इधर बारिश प्रेमियों के लिए एक अच्‍छी खबर है कि इस बार औसत से अधिक बारिश हुई है। अभी तक मानसून की 695.8 एमएम बारिश दर्ज हो चुकी है। ताजनगरी में पांच जुलाई को मानसून ने दस्तक दी, पहले ही दिन 109.6 एमएम बारिश हुई। इसके बाद रुक रुक कर बारिश होती रही, बादल छाए लेकिन बूंदाबांदी ही हुई। इससे जुलाई में 400 एमएम बारिश रिकॉर्ड गई, इसी तरह अगस्त में भी बदले पैटर्न में बारिश हुई। बादल छाने के बाद 20 से 40 मिनट बारिश हुई, इसके बाद धूप निकल आई और उमस बढ़ गई। सितंबर में भी इसी तरह से बारिश हो रही है। इस पूरे मानसून में एक बात और देखने को मिली। पूरे जनपद को छोड़ें, पूरे शहर में एक-साथ बारिश भी कम ही हुई। क्षेत्रवार टुकड़ों में ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गयी। शहर में सिकंदरा और दयालबाग क्षेत्र में इस बार अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा बरसात दर्ज हुई। कम समय के लिए और टुकड़ों में बारिश होने के बाद भी औसत का रिकॉर्ड पूरा हो चुका है।
आरबीएस कृषि संकाय के डॉ. पीके उपाध्याय ने बताया कि 650 एमएम औसत बारिश होती है, अगस्त तक 650 एमएम बारिश हो चुकी थी। अभी तक 695.8 एमएम बारिश हो चुकी है।

पिछले साल से कम हुई बारिश
इस बार पिछले साल की तुलना में कम बारिश हुई है। 2018 में 1100 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। पिछले साल जुलाई में 322 एमएम बारिश हुई थी, इस बार 400 एमएम बारिश हुई है।

मानसून की बारिश
जुलाई - 400 एमएम
अगस्त - 250 एमएम
एक सितंबर - 31.6 एमएम
चार सितंबर - 10.4 एमएम
छह सितंबर - 3.8 एमएम

रिकॉर्ड बारिश
5 जुलाई को 109.6 एमएम बारिश
18 अगस्त को 73 एमएम बारिश


 

Posted By: Tanu Gupta

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