आगरा, जागरण संवाददाता। इस मानसून में अगर ताजनगरी तालाब बनती है तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। बात ही कुछ ऐसी है। शहर के कई प्रमुख छोटे-बड़े नालों की सफाई अभी तक नहीं हुई है। जिन नालों की सफाई हुई है। वह आधी-अधूरी हुई है, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून इसी सप्ताह दस्तक देने जा रहा है।

आगरा शहर में 441 छोटे-बड़े नाले हैं। शासन ने 15 अप्रैल से 15 जून तक नाला सफाई का लक्ष्य रखा था। निगम प्रशासन ने देरी से नालों की सफाई शुरू की। शुरुआत धीमी रही, यही वजह थी कि मई के तीसरे सप्ताह तक 40 फीसद नाले साफ हुए थे। नाला सफाई न होने पर मेयर नवीन जैन ने नाराजगी जताई थी और तीस जून तक सभी नालों की सफाई के लिए कहा था। अभी तक 96 नाले ऐसे हैं। जिनकी सफाई नहीं हुई है। अधिकांश प्रमुख नाले हैं।

देरी से हुआ भूमिगत नालों का टेंडर

शहर में 16 भूमिगत नाले हैं। नाला सफाई का टेंडर जून के अंतिम सप्ताह में हुआ है। एक भूमिगत नाला की सफाई में तीन से चार दिन लग रहे हैं। अभी तक तीन से चार नाले ही साफ हुए हैं।

ये है सफाई का नियम

शासनादेश के अनुसार नाला की तलीझाड़ सफाई होनी चाहिए। इसकी शुरुआत नाला के अंत से लेकर शुरुआत तक होनी चाहिए।

इन प्रमुख नालों की नहीं हुई है सफाई

- नाला पीला खार। लंबाई 1700 मीटर।

- मंटोला नाला। लंबाई 800 मीटर।

- नाला काजीपाड़ा। लंबाई एक हजार मीटर।

- नालाकंस खार। लंबाई 800 मीटर। अवधि एक माह।

- नाला नालबंद। लंबाई पांच सौ मीटर। अवधि एक माह।

- नाला सुंदरपाड़ा। लंबाई एक हजार मीटर।

- नाला सिंधी कॉलोनी अशोक नगर (होम गार्ड वाला)। लंबाई 800 मीटर।

- नाला गोकुलपुरा। लंबाई पांच सौ मीटर।

- नाला गढ़ी भदौरिया। लंबाई एक हजार मीटर।

- नाला शिवाजी नगर। लंबाई दो हजार मीटर।

- नाला साही केनाल नगला धनी। लंबाई 1600 मीटर।

- नहर उर्खरा राजपुर से शाहजहां गार्डन। लंबाई दो हजार मीटर।

- नाला अहमद बुखारी। लंबाई दो हजार मीटर। 5 दिन।

- नाला खतैना। लंबाई एक हजार मीटर।

- नाला अब्बुलाला दरगाह। लंबाई आठ सौ मीटर। 3 दिन।

- नाला ग्यासपुरा। लंबाई 1500 मीटर। 5 दिन।

- नाला सिटी स्टेशन। लंबाई एक हजार मीटर। बीस दिन।

- नाला प्रकाशविला। लंबाई पांच सौ मीटर। 10 दिन।

- नाला खालवाल। लंबाई 500 मीटर। 5 दिन।

- नाला तेलीपाड़ा कोल्हाई। लंबाई एक हजार मीटर। 11 दिन।

ये हैं भूमिगत नाले

- श्रीराम नर्सिंग होम से सोलिटेयर होटल। लंबाई 700 मीटर।

- पंछी पेठा से देहली गेट रवि अस्पताल तक। लंबाई 395 मीटर।

- टी.पी. नगर आईएसबीटी से वन चेतना तक।

- राजाराम की बगिया से गुरूगोविन्द की पुलिया तक। लंबाई 450 मीटर।

- सेवला जाट मन्दिर मेरी गोल्ड अस्पताल से सराय मलूकचंद की पुलिया तक। लंबाई 805 मीटर।

- सेक्सरिया नाला। लंबाई ढाई सौ मीटर।

- बसई खुर्द से बिल्लोचपुरा कब्रिस्तान। लंबाई सात सौ मीटर।

- नाला सुभाष बाजार। लंबाई दो सौ मीटर।

- अर्जुन नगर गेट से नगला पोहपा पुलिया तक। लंबाई 1400 मीटर।

- बाबड़ी बस्ती मोड से मुगल पुलिया तक तथा जीएमबी से ताज व्यू तिराहा फतेहाबाद रेाड तक लंबाई छह सौ मीटर।

- सूरसदन से पालीवाल पार्क तक। लंबाई पांच सौ मीटर।

क्‍या कहते हैं पार्षद और मेयर 

 नालों की सफाई में लापरवाही बरती गई है। अभी तक सभी नाले पूरी तरह से साफ नहीं हुए हैं'।

धर्मवीर सिंह, पार्षद

शहर में 16 भूमिगत नाले हैं। मशीन से इनकी सफाई होनी है। हाल ही में टेंडर जारी हुए हैं। जलभराव होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है'।

शिरोमणि सिंह, पार्षद

नालों की सफाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द इसकी समीक्षा की जाएगी। सभी प्रमुख नाले साफ हो चुके हैं। कोशिश है कि जलभराव न हो।

नवीन जैन, मेयर 

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Tanu Gupta