जागरण टीम, आगरा। जैंगारा के मसेल्या गांव के हालात बेहद खराब हैं। यहां तीन किलोमीटर लंबा मार्ग जर्जर है। रही सही कसर पिछले दिनों लगातार हुई बारिश ने पूरी कर दी। मार्ग में एक फीट पानी भर गया है। इससे जैंगारा, मसेल्या और रौझोली के ग्रामीणों को आवागमन में काफी मुश्किल हो रही है। शनिवार को गुस्साए ग्रामीणों ने सांसद और क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया। वे हाथों से लिखी सांसद-विधायक गुमशुदा की तख्ती लेकर सड़क पर भरे पानी में पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों ने कहा कि यह मार्ग किरावली-कागारौल को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्यमंत्री अपने विकास कार्यो की पुस्तक का गांव-गांव वितरण करा रहे हैं और दूसरी ओर उनके क्षेत्र का ही बुरा हाल है। जलभराव के चलते उन्हें मुख्य मार्ग को छोड़कर पांच किलोमीटर घूमकर गंतव्य पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया यह मार्ग करीब डेढ़ दशक पूर्व बनाया गया था। मरम्मत नहीं होने के कारण इसमें गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। कई बार शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। विरोध जताने वालों में योगेश, मनोज चाहर, महेश सिंह, शैलेंद्र सिंह, प्रदीप जाट, जुगेंद्र सेठ, सुरेंद्र चाहर, श्यामबाबू, शिवजीत चाहर, सत्यवीर सिंह, रोहताश सिंह, अनूप चाहर, गुट्टी सिंह, पवन शामिल रहे। बारिश के बाद शुरू हो जाएगा काम: राज्यमंत्री

राज्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक चौधरी उदयभान सिंह का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जा चुके हैं। जैंगारा से मसेल्या मार्ग के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। बारिश के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। अंडरपास निर्माण की कछुआ चाल से ग्रामीण परेशान

जागरण टीम, आगरा। आगरा से बयाना रेलमार्ग स्थित गांव महुअर के फाटक 58 पर डेढ़ साल से चल रहे अंडरपास के निर्माण पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। इसके चलते उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माणाधीन अंडरपास पर जलभराव हो गया है। शनिवार को क्षेत्रीय ग्रामीणों ने राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह से शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की। राज्यमंत्री ने रेलवे के डीआरएम से वार्ता की और समस्या के समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान मुरारीलाल, शिवकुमार, अनूप कुमार, भोला, रोशन, मान सिंह, संतोष, देवेश मौजूद रहे।

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